ओडिशा पुलिस का सख्त आदेश : 15 दिन के अंदर टैटू हटवा लें विशेष सुरक्षा बटालियन के जवान

ओडिशा पुलिस ने अपने विशेष सुरक्षा बटालियन के लिए एक आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सभी जवान 15 दिन के अंदर अपने शरीर पर बने टैटू हटवा लें.

लोकसभा चुनाव 2024 एवं ओडिशा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ओडिशा पुलिस ने एक फरमान जारी किया है. इसमें एसएसबी के सभी कर्मियों से कहा गया है कि वे 15 दिन के अंदर अपने शरीर पर बने टैटू हटवा लें.

ओडिशा में विशेष सुरक्षा बटालियन के लिए जारी हुआ है आदेश

ओडिशा पुलिस ने अपनी विशेष सुरक्षा बटालियन (एसएसबी) के कर्मियों के लिए यह आदेश जारी किया है. पुलिस का कहना है कि ‘वर्दी पहने व्यक्ति की त्वचा पर बने ये टैटू आसानी से ध्यान खींचते’ हैं और इन्हें ‘अशोभनीय और अपमानजनक’ माना जाता है.

भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त ने जारी कर दिया है आदेश

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (सुरक्षा) ने मंगलवार को ही इस आशय का आदेश जारी कर दिया. पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ने इस आदेश में कहा है कि एसएसबी के ऐसे कर्मियों की एक लिस्ट तैयार करें, जिन्होंने अपने शरीर पर ‘टैटू’ बनवा रखे हैं.

वीवीआईपी की सुरक्षा में तैनात किए जाते हैं एसएसबी के जवान

विशेष सुरक्षा बटालियन के जवान मुख्यमंत्री आवास, राजभवन, राज्य सचिवालय, ओडिशा विधानसभा और ओडिशा हाईकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात किए जाते हैं. ओडिशा के वीवीआईपी (अति विशिष्ट लोगों) और गणमान्य व्यक्तियों के अलावा भारत के किसी भी हिस्से से ओडिशा आने वाली विशिष्ट हस्तियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए विशेष सुरक्षा बटालियन के अधिकारियों और जवानों को ही तैनात किया जाता है.

Also Read : ओडिशा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, माओवादी कैंप से भारी मात्रा में गोला-बारूद व नक्सली साहित्य बरामद

बटालियन के साथ ओडिशा पुलिस की छवि को भी करते हैं खराब

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (सिक्यूरिटी) ने अपने आदेश में कहा है कि ऐसा देखा गया है कि बड़ी संख्या में इस इकाई के कर्मियों ने अपने शरीर पर टैटू बनवा रखे हैं, जो बटालियन के साथ-साथ ओडिशा पुलिस की छवि को भी खराब करते हैं. कहा गया है कि ये (टैटू) आक्रामक, अशोभनीय और अपमानजनक प्रकृति के होते हैं.

आदेश का पालन नहीं करने पर होगी विभागीय कार्रवाई

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के आदेश में यह भी कहा गया है कि काफी सोच-समझकर और विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया कि ऐसे टैटू की अनुमति नहीं है, जो वर्दी में होने के बावजूद नजर आता हो. डीसीपी ने स्पष्ट चेतावनी दे दी है कि इस आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

Also Read : Odisha Cyber Crime: राजगांगपुर पुलिस ने बताया क्यों साइबर ठगी का शिकार होते हैं लोग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >