ओडिशा पुलिस ने 28 अगस्त से 8 सितंबर के बीच विशेष अभियान चलाया. इसका नाम ‘ऑपरेशन अन्वेषण’ रखा गया. इस अभियान में 17 राज्यों से 101 बच्चों को सुरक्षित निकाला गया, जिसमें 47 लड़कियां भी शामिल हैं. इसके लिए पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में भेजी गईं थी. वहां स्थानीय पुलिस और बाल संरक्षण अधिकारियों की मदद अभियान को सफल बनाया गया.
3 महीने की बच्ची और 17 साल की मां भी मिली
अभियान के दौरान एक 3 महीने की बच्ची और उसकी 17 साल की मां को भी सुरक्षित निकाला गया. पुलिस के मुताबिक, नाबालिग मां के साथ कथित यौन अपराध का मामला सामने आया है. फिलहाल दोनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. इसके बाद जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई. उन्हें जरूरी मदद और संरक्षण भी दिया गया.
पुलिस के मुताबिक, अभियान का मकसद सिर्फ बच्चों को ढूंढना नहीं था. उनकी पहचान की पुष्टि भी की गई. इसके बाद उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई. जरूरत के अनुसार उनके पुनर्वास की व्यवस्था भी की जाएगी.
दिल्ली और राजस्थान से शुरू हुआ अभियान
अभियान के पहले चरण में ओडिशा पुलिस की दो टीमें नई दिल्ली और राजस्थान भेजी गई थीं. ये टीमें 28 अगस्त से 8 सितंबर तक वहां रहीं. अभियान में महिला और बाल अपराध से जुड़ी पुलिस इकाई ने भी काम किया. वहीं, जिला बाल संरक्षण अधिकारियों की मदद ली गई. इसके साथ ही बाल कल्याण समितियों ने भी सहयोग किया.
पुलिस की टीमों ने बच्चों से जुड़े कई स्थानों पर जांच की. इनमें बाल देखभाल केंद्र और मजदूर बस्तियां शामिल थीं. ऐसे स्थानों पर भी तलाश की गई जहां बच्चों के शोषण का खतरा हो सकता था. पुलिस के मुताबिक, इस अभियान का एक बड़ा मकसद बाल तस्करी और बच्चों के शोषण को रोकना भी था.
