Bhubaneswar News: ओडिशा के शहरी विकास मंत्री ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए शून्य-अवशेष हरित तकनीक की सराहना की

Bhubaneswar News: ओडिशा के आवास एवं शहरी विकास मंत्री ने वाराणसी में वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट का दौरा कर जानकारियां हासिल की.

Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ कृष्ण चंद्र महापात्र ने शनिवार को वाराणसी में ‘वाराणसी हरित कोयला परियोजना’ के अंतर्गत रामना वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट का दौरा किया और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विकसित अभिनव शून्य-अवशेष हरित तकनीक का अवलोकन किया. यह संयंत्र टोरेफैक्शन प्रक्रिया पर आधारित है, जिसमें 250-300 डिग्री सेल्सियस नियंत्रित ऑक्सीजन वातावरण में कचरे का ऊष्मा-रासायनिक उपचार कर नमी और वाष्पशील तत्वों को हटाया जाता है तथा उसे टोरेफाइड चारकोल में परिवर्तित किया जाता है, जो जलरोधी, कार्बन-समृद्ध, उच्च ऊष्मीय मान वाला ईंधन है और कोयले का प्रभावी विकल्प बन सकता है.

प्रतिदिन 100 टीपीडी हरित चारकोल तैयार करता है प्लांट

400 टीपीडी क्षमता का यह प्लांट प्रतिदिन 13 टीपीडी मीथेन उत्सर्जन को रोक सकता है और लगभग 390 कार्बन क्रेडिट अर्जित करता है. यह प्रतिदिन 100 टीपीडी हरित चारकोल तैयार करता है, जिससे जीवाश्म कोयले का उपयोग घटता है और 250-290 टीपीडी तक कार्बन उत्सर्जन की बचत होती है. परियोजना के लिए वाराणसी नगर निगम ने 16 एकड़ भूमि और आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया है, जबकि एनटीपीसी ने इसे अपनी सीएसआर पहल के तहत अपनाया है और अपने ताप विद्युत संयंत्रों में पहले से ही इस हरित चारकोल का उपयोग कर रहा है.

ओडिशा भी ऐसी अभिनव तकनीकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध

इस पहल की प्रशंसा करते हुए डॉ महापात्र ने कहा कि यह संयंत्र ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का एक क्रांतिकारी मॉडल है, जो कचरे को हरित ईंधन में बदलकर लैंडफिल समाप्त करता है, कार्बन उत्सर्जन कम करता है और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करता है. उन्होंने कहा कि ओडिशा राज्य भी ऐसी अभिनव तकनीकों को अपनाने और अपने नगरों में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि स्वच्छ और हरित भविष्य का निर्माण किया जा सके. इस अवसर पर उनके साथ ओडिशा के अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक (स्वच्छ भारत मिशन) विनया कुमार दाश, एनटीपीसी वाराणसी के डीजीएम (डब्ल्यूटीइ) आशीष रंजन, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के मुख्य तकनीकी सलाहकार ओमेंद्र श्रीवास्तव, वाराणसी नगर निगम के जोनल सैनिटेशन ऑफिसर आरसी निरंजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे और उन्होंने संयंत्र के संचालन एवं प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी.

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Published by: Bipin kumar yadav

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