भुवनेश्वर : ओडिशा में कैंसर उपचार व्यवस्था को और मजबूत करने तथा राज्य के लोगों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ मुकेश महालिंग ने बुधवार को भुवनेश्वर में एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया. यह बैठक जन स्वास्थ्य निदेशक और केआरआइएए फाउंडेशन की ओर से आयोजित की गयी थी. इसमें केआरआइएए के वरिष्ठ अधिकारी, साझेदार तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.
गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर चर्चा
बैठक में कैंसर के प्रति जागरुकता बढ़ाने, बीमारी की प्रारंभिक पहचान, उन्नत उपचार सुविधाओं का विस्तार तथा मरीजों को आसानी से गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कैंसर देखभाल की खाई को पाटने के लक्ष्य को साकार करते हुए राज्य के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर कैंसर उपचार सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा सरकार कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और उन्नत उपचार सुविधाओं के विस्तार को विशेष प्राथमिकता दे रही है.
कैंसर उपचार के लिए सरकार की योजनाएं बताई
मंत्री के अनुसार, राज्य में आयुष्मान योजना के तहत पहले 73 नए राज्य पैकेज और बाद में 91 नये कैंसर उपचार पैकेज शामिल किये गये हैं. इसके अलावा, 311 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ मुख्यमंत्री कैंसर केयर योजना शुरू की गयी है. कैंसर उपचार को जिला स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य के जिला मुख्यालय अस्पतालों में 32 कीमोथेरेपी केंद्र भी स्थापित किये गये हैं. सरकार का लक्ष्य कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करते हुए राज्य के लोगों को समय पर, सुलभ और बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है.
स्क्रब टाइफस प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जायेंगी मेडिकल टीमें
स्वास्थ्य मंत्रीस्क्रब टाइफस के संदिग्ध मामलों की खबरों के बीच ओडिशा के स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है. स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि जिन इलाकों में स्क्रब टाइफस के संदिग्ध मामले सामने आ रहे हैं, वहां मेडिकल टीमें भेजी जायेंगी. मंत्री ने बताया कि स्क्रब टाइफस के संदिग्ध माललों की खबरों के बीच ओडिशा के स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है. उपचार और नियंत्रण के लिए विशेष दिशा-निर्देश तैयार किये गये हैं. इनमें संदिग्ध मामलों की पहचान, उपचार, रोकथाम और बीमारी को अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोकने के उपाय शामिल हैं. महालिंग ने हालांकि, लोगों से नहीं घबराने की अपील की. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक स्क्रब टाइफस के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है. अधिकारियों के पास उपलब्ध एलाइसा जांच की रिपोर्ट भी निगेटिव आयी है.
