भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार ने सफाई कर्मियों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक बड़ी पहल की है. राज्य में सफाई कार्य के दौरान होने वाली मृत्यु की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से ‘मिशन जीरो-एंडिंग फेटेलिटी इन सैनिटेशन वर्क’ पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
हर साल अगस्त के चौथे शनिवार को गरिमा दिवस मनाने की घोषणा
लोकसेवा भवन के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की कि अब से हर वर्ष अगस्त महीने के चौथे शनिवार को राज्यभर में ‘गरिमा दिवस’ के रूप में मनाया जायेगा. कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि समृद्ध ओडिशा के निर्माण के लिए स्वच्छ शहर, सुरक्षित पर्यावरण और स्वच्छता सुनिश्चित करने वाले कर्मियों का सुरक्षित जीवन अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि गरिमा दिवस सफाई कर्मियों के जीवन की सुरक्षा और समाज में उनके सम्मान को बढ़ाने के लिए समर्पित होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से स्वच्छता देश के राष्ट्रीय विकास के एजेंडे का अभिन्न अंग बनी है. स्वच्छता को अब देश की अर्थव्यवस्था, रक्षा और विदेश नीति के समान ही महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मियों का कार्य कोई छोटा काम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका है.
रोबोटिक्स और एआइ तकनीक से लैस होगी स्वच्छता प्रणाली
सफाई कार्यों को जोखिम मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक, जैसे ड्रोन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के अधिक से अधिक उपयोग पर बल दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ‘नमस्ते’ योजना के तहत मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है. सरकार का मुख्य लक्ष्य दुर्घटना के बाद मुआवजा देना नहीं, बल्कि दुर्घटना को होने से पहले रोकना है, जो ‘मिशन जीरो’ का मूल आधार है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिवंगत सफाई कर्मी प्रताप दलेई की पत्नी को 10 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा. साथ ही उन्होंने आधुनिक स्वच्छता मशीनों व सुरक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सफाई कर्मियों को आवास आवंटन के वर्क ऑर्डर प्रदान किये
गरिमा योजना में कल्याणकारी प्रावधानों की सराहना
केंद्रीय सामाजिक न्याय विभाग के सचिव सुधांश पंत ने ओडिशा को स्वच्छता कल्याण के क्षेत्र में देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बताया. मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि ‘जीरो फेटेलिटी’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का दृढ़ संकल्प है. अर्बन मैनेजमेंट सेंटर की निदेशक मन्विता बराड़ी ने गरिमा योजना के तहत कर्मियों के परिवारों के लिए किए गए कल्याणकारी प्रावधानों की सराहना की.
