भुवनेश्वर : बीजद सुप्रीमो और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को ‘माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट’ (एमएमडीआर) में संशोधन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे ओडिशा के आर्थिक हितों को भारी नुकसान होगा और खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार कमजोर होंगे.
सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील
एक बयान में नवीन पटनायक ने कहा कि ओडिशा की अर्थव्यवस्था खतरे में है और उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से राज्य के हित में एकजुट होने की अपील की. नवीन ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन माझी को पत्र लिखकर इस संशोधन के असर पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक और ओडिशा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. पटनायक ने कहा कि ओडिशा और यहां के लोगों के हित से बढ़कर कुछ भी नहीं है. पार्टी के लिए नहीं, बल्कि इस धरती के हित के लिए हमें आज एकजुट होकर खड़ा होना होगा.
बीजद के कार्यकाल की गिनायीं उपलब्धियां
2000 में बीजद के सत्ता में आने के समय ओडिशा की आर्थिक स्थिति को याद करते हुए पटनायक ने कहा कि तब राज्य ओवरड्राफ्ट पर निर्भर था. उन्होंने दावा किया कि जब 2024 में उनकी सरकार का कार्यकाल खत्म हुआ, तो उन्होंने 50,000 करोड़ का रेवेन्यू सरप्लस (राजस्व अधिशेष) छोड़ा, जो मजबूत वित्तीय प्रबंधन की वजह से संभव हुआ. उन्होंने कहा कि ओडिशा के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और कल्याणकारी कार्यक्रमों में माइनिंग से होने वाली कमाई ने अहम भूमिका निभायी. खनिज संसाधनों से
ओडिशा को होने वाले आर्थिक लाभ पर पड़ेगा असर
पटनायक ने आरोप लगाया कि एमएमडीआर संशोधन से क्रोमाइट, बॉक्साइट, लौह अयस्क, कोयला और मैंगनीज के विशाल भंडार से ओडिशा को होने वाले आर्थिक लाभ पर असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि धूल और धुआं तो हमारे लोग झेलेंगे, लेकिन हमारे संसाधनों से दिल्ली दरबार मालामाल होगा. हम ऐसा नहीं होने देंगे. बीजद प्रमुख ने ओडिशा के भाजपा के 20 लोकसभा सांसदों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे राज्य के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाने में नाकाम रहे. उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा में सिर्फ बीजद सांसदों ने ही इस संशोधन का पुरजोर विरोध किया था.
जनकल्याण कार्यक्रमों पर पड़ेगा असर
पटनायक पटनायक के मुताबिक, इन बदलावों की वजह से ओडिशा को हर साल हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है, जिससे स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, सड़कों, पुलों, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर, कल्याणकारी कार्यक्रमों और किसानों व गरीबों को दी जाने वाली मदद पर असर पड़ेगा. उन्होंने सवाल किया कि हम अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को क्या जवाब देंगे? ''''जेन-जी का भविष्य क्या होगा? ओडिशा के लोगों से इस लड़ाई में शामिल होने की अपील करते हुए पटनायक ने कहा कि यह धरती हमारी है. ये खनिज हमारे हैं. अपनी आखिरी सांस तक, ओडिशा और यहां के लोगों के अधिकारों के लिए मेरी लड़ाई जारी रहेगी.
