Rourkela News: मिटकुंदरी-लहंडा ब्रिज का निर्माण दो माह में होगा पूरा, कई गावों के लोग होंगे लाभान्वित

Rourkela News: देव नदी पर निर्माणाधीन मिटकुंदरी-लहंडा ब्रिज का अंतिम पाइलिंग कार्य शुरू हो गया है. जनवरी तक इसके पूरा होने की उम्मीद है.

Rourkela News: देव नदी पर निर्माणाधीन मिटकुंदरी-लहंडा ब्रिज का अंतिम पाइलिंग कार्य शुरू हो गया है. संभावना जतायी जा रही है कि दो महीने के अंदर काम पूरा हो जायेगा और लोग ब्रिज से आना-जाना कर सकेंगे. विदित हो कि झीरपानी-मिटकुंदरी से होकर बहनेवाली कोयल नदी पर बीजू सेतु के निर्माण के बाद देव नदी पर पुल निर्माण की मांग उठ रही थी. परिणामस्वरूप तत्कालीन राज्य सरकार ने 2018 में देव नदी पर एक पुल के निर्माण की घोषणा की. ग्रामीण विकास विभाग की ओर से टेंडर कराया गया था.

जमीन का अधिग्रहण नहीं होने के कारण रुका था काम

टेंडर पानवाले ठेकेदार ने 2019 में काम शुरू किया था. इसके लिए करीब सात करोड़ रुपये का आकलन किया गया था. लेकिन नदी के उस पार के जमीन मालिक को मुआवजा नहीं मिलने से काम बंद करा दिया गया था. इसे लेकर वर्ष 2019 से लेकर 2024 तक कई आंदोलन तथा धरना-प्रदर्शन कर ब्रिज के निर्माण में आ रही जमीन अधिग्रहण की रुकावट दूर कर काम शुरू किये जाने की मांग लगातार की जा रही है. इसके बाद वर्ष 2024 के पिछले कुछ महीनों में प्रशासन द्वारा जमीन मालिकों को मुआवजा देने के बाद गत अक्तूबर महीने से इसका काम शुरू किया गया. इसमें लहंडा की ओर से एप्रोच रोड का काम समेत अंतिम पाइलिंग का कार्य चल रहा है.

झारबेड़ा पंचायत के दर्जनों गांव के लोगों को राउरकेला आने-जाने में होगी सुविधा

पानपोष उप-जिलापाल विजय कुमार नायक ने कहा है कि इसका काम आगामी जनवरी, 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. जिसके बाद लोग इस ब्रिज से होकर आना-जाना कर सकेंगे. गौरतलब है कि देव नदी के किनारे स्थित झारबेड़ा ग्राम पंचायत के झारबेड़ा, रिंउ, कारिछापल, टांगराइन और करमाबहाल तथा कचारू पंचायत के पसरा, कचारू, सान लकी, सियालजोर और रामपुर गांव के लोगों को पुल का काम पूरा होने पर राउरकेला आने-जाने में सुविधा होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >