Rourkela News: दिनभर धूप व गर्मी ने किया परेशान, शाम में बारिश से राहत
Rourkela News: काल बैसाखी के प्रभाव में आंधी-बारिश से अधिकतम तापमान में गिरावट के बाद भी पूरे दिन लोग धूप और उमस से परेशान रहे.
Rourkela News: शहर में काल बैसाखी के प्रभाव में लगातार आंधी-तूफान ने तबाही तो मचायी है, लेकिन बारिश होने से लोगों को हल्की राहत भी मिली है. हालांकि गुरुवार व शुक्रवार को मौसम साफ रहा. इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान कम रहने के बावजूद धूप, उमस व चिपचिपी भरी गर्मी से लोग परेशान रहे. शुक्रवार शाम को पुन: बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया.
शाम में बारिश से मौसम हुआ सुहाना
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को दिन के समय तेज धूप से परेशानी हुई, ताे बीच-बीच बादल छाने व ठंडी हवा चलने से थोड़ी राहत भी मिली. लेकिन शाम चार बजे तक तेज धूप के कारण लोग परेशान रहे. गर्मी की वजह से पशु व पक्षी भी परेशान रहे. रेलवे स्टेशन के पास जमा पानी से कबूतरों को अपनी प्यास बुझाते हुए देखा गया. लोग धूप से बचने के लिए सिर पर गमछा ओढ़कर जाते नजर आये. लेकिन शाम के समय मौसम ने फिर मिजाज बदला तथा हल्की-फुल्की हवाओं का दौर चलने के साथ बिजली भी कड़कने लगी थी. साढ़े सात बजे के बाद बारिश भी शुरू हो गयी.
37.7 डिग्री दर्ज हुआ अधिकतम तापमान
स्मार्ट सिटी राउरकेला में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस, अधिकतम आर्द्रता 95 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 69 फीसदी दर्ज हुई.
राउरकेला स्टेशन के शेड की 48 घंटों बाद नहीं हुई मरम्मत
राउरकेला रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के पास रेलवे की ओर से यात्रियों के लिए शेड बनाया गया है. इस शेड का निर्माण चलने के दौरान रेलवे के जीएम से लेकर चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम यहां काम का जायजा लेने आते रहे. साथ ही काम की गुणवत्ता बरकरार रखने का दिशा-निर्देश जारी भी किया था. लेकिन लगता है कि यहां काम करनेवाले ठेकेदार ने उनकी एक न सुनी तथा अपनी मनमर्जी से काम किया. इसका नतीजा यह हुआ कि बनकर तैयार होने के कुछ दिनों के बाद ही बारिश ने यहां हुए घटिया काम की पोल खोलकर रख दी है. पहली बार हुई बारिश में शेड पर पानी जम गया था, जिसकी मरम्मत की गयी थी. इसके बाद इसका कुछ हिस्सा फट जाने से उसकी लीपापोती की गयी थी. वहीं बुधवार को हुई बारिश व हवा ने इस शेड को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है. आश्चर्य की बात यह है कि अब तक 48 घंटे का समय बीत जाने के बाद भी इस शेड की मरम्मत करने को लेकर कोई पहल नहीं हुई है. जिससे यात्रियों में आक्रोश है.