Sambalpur News: द्योगपतियों और पूंजीपतियों को जमीन हस्तांतरित करने की नीति का किया विरोध

Sambalpur News: कॉरपोरेट भूमि हड़पने के खिलाफ राष्ट्रीय एकता दिवस पर लोक मुक्ति संघ ने तहसील कार्यालय घेराव किया. राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.

Sambalpur News: भूमि अधिकार आंदोलन के आह्वान पर ‘कॉर्पोरेट भूमि हड़पने के खिलाफ राष्ट्रीय एकता दिवस’ के राष्ट्रव्यापी समारोह के अवसर पर लोक मुक्ति संघ ने जुलूस निकाल कर बामड़ा तहसील कार्यालय का घेराव किया. सबसे पहले बामड़ा लोक निर्माण डाक बंगला से एक बड़ा जुलूस निकाल कर शहर की परिक्रमा की गयी. जुलूस तहसील कार्यालय पहुंचने पर लोक मुक्ति संघ के बामड़ा ब्लॉक अध्यक्ष पात्र बाग की अध्यक्षता में एक विरोध सभा आयोजित की गयी.

भूमि के स्वामित्व में परिवर्तन के लिए बनाया गया था भूमि सुधार अधिनियम

इसमें लोक मुक्ति संघ के सलाहकार अनंत ने कहा कि भूमि एक लोकतांत्रिक अधिकार है, इसलिए 1950 में संवैधानिक व्यवस्था के बाद देश में भूमि के स्वामित्व में परिवर्तन के लिए भूमि सुधार अधिनियम बनाया गया था. लेकिन अब सरकार भूमिहीन गरीबों को जमीन देने के बजाय बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए जमीन हस्तांतरित करने की नीतियां बना रही है. इस विरोध सभा में अन्य लोगों के अलावा लोक मुक्ति संघ केंद्रीय समिति के संयुक्त सचिव ग्रेगरी सामद, बामड़ा ब्लॉक संयोजक रवींद्र कुमार नायक, सगरा ग्राम पंचायत समिति सदस्य हबील एक्का, गोविंदपुर सरपंच और संगठन की केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष बिमल लकड़ा, गड़पोष सरपंच पुष्पा तिर्की और अन्य नेताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सरकार की जन विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की और आने वाले दिनों में भूमि अधिकार आंदोलन का विस्तार करने की चेतावनी दी. जुलूस का नेतृत्व बिलचुस समद, फूलदेव समद, मिंकू लकड़ा, बिरंची निखंडिया, प्रेम सोरेंग, गौतम पिंग, सुलेमान टेटे, पतरस डुंगडुंग, जिरानी एक्का, सीमा बरला, केसरी साई, मंजू बरला, अनिता सोरेंग आदि ने किया. मौके पर बामड़ा तहसील के विभिन्न ग्राम पंचायतों के सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद थे.

राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

विरोध सभा के बाद, भारत की राष्ट्रपति और ओडिशा के मुख्यमंत्री के नाम बामड़ा तहसीलदार अश्विनी कुमार पंडा को एक ज्ञापन सौंपा गया. इसमें भूमि सुधार अधिनियम का उचित कार्यान्वयन और प्रत्येक भूमिहीन गरीब परिवार को आवास और कृषि भूमि प्रदान करना, आवास के लिए चार डिसमिल के बजाय 10 डिसमिल जमीन सुनिश्चित करना, जन विरोधी भूमि बैंक नीति को वापस लेना, वन अधिकार अधिनियम, पेसा कानून, नयी भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का उचित कार्यान्वयन, आने वाली पीढ़ियों के लिए जल, जंगल और खनिज जैसे संसाधनों की रक्षा करना, जल-जंगल पर पूंजीवादी नीति, बुलडोजर की राजनीति और मनमाने ढंग से तोड़फोड़ बंद करना आदि शामिल है. इस अवसर पर अतिरिक्त तहसीलदार सुजय पांडा, गोविंदपुर पुलिस स्टेशन अधिकारी राजेंद्र कुमार बेहरा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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By BIPIN KUMAR YADAV

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