Jharsuguda News: वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति को देखते हुए झारसुगुड़ा जिलापाल कुणाल मोतीराम चव्हाण ने अपने कार्यालय में एक अहम बैठक की. इसकी अध्यक्षता खुद जिलापाल ने की. बैठक में जिले के सभी पेट्रोल पंप डीलर और बड़ी तेल कंपनियों के सेल्स अधिकारी शामिल हुए.
कृत्रिम कमी या ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सभी पेट्रोल और डीजल डीलरों को सख्त निर्देश दिया गया कि वे हर हाल में जिले के उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल बगैर किसी परेशानी के उपलब्ध करायें. कृत्रिम कमी या ब्लैक मार्केटिंग के किसी भी प्रयास की जानकारी मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है. जिलापाल ने चेताया कि अगर पेट्रोल पंप इमरजेंसी सर्विस एक्ट का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
इमरजेंसी वाहनों और एंबुलेंस के लिए रिजर्व स्टॉक रखना जरूरी
जिलाधीश ने आदेश दिया है कि हर पेट्रोल पंप को इमरजेंसी स्टॉक के तौर पर 2000 लीटर डीजल और 1000 लीटर पेट्रोल अनिवार्य रूप से रिजर्व रखना होगा. यह रिजर्व तेल केवल एंबुलेंस, दूध ट्रांसपोर्ट करने वाली गाड़ियों और इमरजेंसी सेवाओं में लगी दूसरी गाड़ियों के लिए सुरक्षित रखा जायेगा. इसके अलावा, हर पेट्रोल पंप को रोजाना अपनी दैनिक बिक्री और उपलब्धता की जानकारी जिला आपूर्ति विभाग से साझा करनी होगी. डेली रिपोर्ट जल्द से जल्द जमा करने का निर्देश दिया गया है और लापरवाही होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है. बैठक में पेट्रोल पंपों के अधिकृत लाइसेंस और सर्टिफिकेट को समय पर नवीनीकरण पर खास जोर दिया गया. जिलापाल ने डीलरों को अपने फायर सेफ्टी लाइसेंस तुरंत नवीनीकरण करने का निर्देश दिया है.
प्लास्टिक के कंटेनर में नहीं मिलेगा ईंधन
सुरक्षा कारणों से, प्लास्टिक कंटेनर में पेट्रोल/डीजल बेचना सख्त मना है. किसी भी इमरजेंसी में, अगर किसी को प्लास्टिक कंटेनर में तेल की जरूरत होती है, तो जिलाधीश द्वारा खुद उस स्पेशल परमिट को वेरिफाई करने के बाद ही तेल दिया जा सकता है. किसानों के ट्रैक्टर के लिए जरूरी ईंधन के बारे में एक साफ नीति बनाने और जिला कृषि अधिकारी से सलाह लेकर तुरंत कदम उठाने का निर्देश दिया गया है, ताकि खेती का काम प्रभावित न हो.
