Rourkela News: प्रभु यीशु के जी उठने की खुशी में हुई प्रार्थना सभा, अपने पूर्वजों को किया याद

Rourkela News: स्मार्ट सिटी समेत जिले भर के गिरजाघरों में ईस्टर पर्व धूमधाम से मना. राउरकेला सब-जेल में जाकर कैदियों में खुशियां बांटी गयीं.

Rourkela News: राउरकेला शहर समेत जिले भर के गिरजाघरों में रविवार को प्रभु यीशु के जी उठने की खुशी में ईस्टर का पर्व धूमधाम से मनाया गया. इसके लिए स्मार्ट सिटी सहित जिलेभर के चर्च में विशेष आयोजन किया गया था. यहां विशेष प्रार्थना आयोजित हुई. जिसमें ईसाई समाज के लोग शामिल रहे व प्रार्थना की. शहर के हमीरपुर, जगदा, झीरपानी, सिविल टाउनशिप, कुआरमुंडा, सेक्टर-18, सेक्टर-7, सेक्टर-9 मारिया पहाड़, पानपोष, रेलवे कॉलोनी, शक्तिनगर समेत अन्य गिरजाघरों में ईस्टर पर्व को लेकर प्रार्थना हुई.

सब जेल में बंटा गया केक

इसके अलावा हमीरपुर चर्च से जुड़े धर्म गुरु व प्रचारक की ओर से राउरकेला सब-जेल जाकर वहां कैदियों से मिलकर उनके जीवन में सुधार लाने को लेकर प्रार्थना की गयी. वहीं ईस्टर पर्व को लेकर उनके बीच केक का वितरण भी किया गया. विदित हो कि ईसाई समुदाय अप्रैल महीने में पवित्र सप्ताह का आयोजन करता है. इस सप्ताह में पाम संडे, गुड फ्राइडे, होली सैटरडे और ईस्टर संडे जैसे महत्वपूर्ण त्योहार शामिल होते हैं. ये सभी पर्व प्रभु यीशु से जुड़े हुए हैं. विशेष रूप से, ईस्टर संडे का उत्सव प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी में मनाया जाता है. विश्व के विभिन्न देशों में, जहां ईसाई समुदाय के लोग निवास करते हैं, ये त्योहार बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाये जाते हैं.

बंडामुंडा. रोमन कैथोलिक चर्च में मिस्सा पूजा में जुटे धर्मांवलंबी

प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के उपलक्ष्य में रविवार को बंडामुंडा रोमन कैथोलिक चर्च में इसाई धर्मावलंबियों ने पास्का पर्व व ईस्टर धूमधाम से मनाया. आरसी चर्च बंडामुंडा में मुख्य फादर जोसेफ पाइस एवं सहायक फादर डीपसन डुंगडुंग की अगुवाई में शनिवार रात 9:30 बजे पास्का समारोह धर्म विधि मिस्सा पूजा के साथ शुरू हुआ. पास्का पर्व का विशेष मिस्सा बलिदान हुआ. आग आशीष के बाद इससे पास्का मोमबत्ती जलायी गयी एवं ज्योति गुणगान हुआ, साथ ही बाप्टिस्मा का नवीकरण भी हुआ. मिस्सा बलिदान आदि कार्यक्रम रात एक बजे तक चले. फादर जोसेफ पाइस ने बताया कि गुड फ्राइडे ईसा मसीह के बलिदान व त्याग से जुड़ा दिन है. इस दिन लोग ईसा मसीह के बलिदान को याद करते हैं. वहीं रविवार को ईसा मसीह दोबारा जीवित हुए थे. इसलिए इस दिन ईस्टर पर्व मनाया जाता है. प्रभु यीशु के वचनों को आत्मसात करते हुए मानव जाति को क्षमा, दया, त्याग की भावना को अपनाकर कल्याण और स्नेह को जीवन का आधार बनाकर मानव जाति एवं संसार के सभी जीव जंतुओं की सेवा करने की बात कही. उन्होंने चर्च में मौजूद सभी अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि पास्का का अर्थ है पुनर्जीवन. बुराई से अच्छाई की ओर जाना.

बिरमित्रपुर : श्रद्धा और उत्साह के साथ मना ईस्टर

शहर व आसपास के इलाकों में ईस्टर का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. बिरमित्रपुर शहर के ईसाई समुदाय ने ईस्टर के अवसर पर अपने परिजनों की कब्र की पूजा-अर्चना की, फूल अर्पण कर श्रद्धांजलि दी तथा कैंडल जला कर परिजनों को याद किया. इसके बाद लोगों ने आरसी तथा जीइएल चर्च जाकर प्रार्थना सभा में भाग लिया. प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. ईस्टर के मौके पर लोगों ने ईसा मसीह के पुनरुत्थान दिवस को धूमधाम से पालन किया.

लाठीकटा : विश्व कल्याण की हुई प्रार्थना

गुड फ्राइडे के दिन यीशु को सूली पर चढ़ाये जाने के बाद ईसाई धर्मावलंबियों ने शोक मनाया था. एक दिन जब प्रभु यीशु पुनः जीवित हो गये, तो अनुयायी आनंद से भर गये और उन्होंने प्रार्थना की. रविवार की सुबह लोगों ने अपने घरों में केक बनाकर इसका वितरण किया. जानकारी के अनुसार, शनिवार को जलदा कैथोलिक चर्च में रात 10:00 बजे से सुबह 2:00 बजे तक सभी अनुयायियों ने प्रभु यीशु के आगमन के लिए प्रार्थना की. पादरी थॉमस लाकड़ा ने विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना की. उन्होेंने यीशु को चूमा और उन्हें अपनाया. उन्होंने बताया कि रविवार को ईस्टर का त्योहार होने सुबह से ही लोगों ने अपने घरों में केक बनाया और इसका वितरण कर खुशियां मनायी.

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Published by: Bipin kumar yadav

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