राउरकेला : 13 और 16 अगस्त को हुई भारी बारिश की वजह से राउरकेला के कई इलाकों में बहुत ज्यादा जल-जमाव होने के साथ ही बारिश का पानी घरों में घुस गया था. वहीं मुख्य सड़कें पानी से भर गयीं थीं. रिंग रोड और मेन रोड पर पानी तेजी से बहता हुआ देखा गया, जबकि छेंड और बसंती कॉलोनी के कई इलाकों में लगभग 4-5 फीट तक पानी भर गया था. यह स्थिति कम समय में हुई भारी बारिश और ड्रेनेज चैनलों (नालियों) के जाम होने की वजह से पैदा हुई. जहां स्थानीय निवासी और राउरकेला महानगर निगम (आरएमसी) इस समस्या को हल करने के लिए कदम उठा रहे हैं, वहीं रेलवे अधिकारियों ने भी सोमवार को स्थिति का जायजा लिया.
नालियां जाम होने से हुआ जलजमाव : डीआरएम
राउरकेला विधायक शारदा प्रसाद नायक, एडीएम दीना दस्तगीर और चक्रधरपुर के डीआरएम तरुण कुमार हुरिया ने अन्य अधिकारियों के साथ सुबह मालगोदाम इलाके और राउरकेला रेलवे स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया. डीआरएम ने कहा कि रेलवे द्वारा बनाया गया ड्रेनेज सिस्टम ठीक से काम कर रहा था और मुख्य समस्या जाम नालियों की वजह से हुई. उन्होंने जोर दिया कि सभी संबंधित पक्षों के आपसी सहयोग से बार-बार होने वाली जल-जमाव की समस्या को हल करना आसान हो जायेगा. वहीं, विधायक शारदा प्रसाद नायक ने कहा कि राउरकेला स्टील प्लांट, रेलवे और महानगर निगम के बीच सही तालमेल की कमी के कारण जल-जमाव की समस्या बनी हुई है. एडीएम, डीआरएम और विधायक ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं कि भविष्य में भारी बारिश के दौरान शहर में दोबारा ऐसी गंभीर जल-जमाव की स्थिति न बने.
इतनी बारिश शहर ने कभी नहीं देखी
नगर विधायक शारदा नायक सोमवार को रेलवे और निगम के शीर्ष अधिकारियों के साथ मालगोदाम सहित उन इलाकों का दौरा किया, जहां जलजमाव से सर्वाधिक परेशानी हुई थी. उन्होंने कहा कि जितनी बारिश हुई, वह राउरकेला ने पहले नहीं देखी थी. लेकिन कुछ गलतियां भी हुई हैं. थर्ड लाइन निर्माण के दौरान कुछ कलवर्ट और नालियों की स्थितियों पर ध्यान नहीं दिया गया. वह भी एक कारण है जिस वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई. उन्होंने आगे कहा कि वे पहली बार देख रहे हैं कि सिविल टाउनशिप में भी जलजमाव हुआ और घरों के अंदर पानी घुस गया. इस तरह की स्थिति पहले नहीं देखी गयी. वर्तमान समय टीका-टिप्पणी का नहीं, बल्कि रेलवे, निगम और आरएसपी कैसे संयुक्त रूप से इस समस्या का समाधान करें, यह ज्यादा जरूरी है.
मुख्य मार्ग में नालों को किया गया व्यवस्थित, हटाया गया अतिक्रमण
सोमवार को मुख्य मार्ग में प्रशासन की ओर से उन स्थानों पर जेसीबी लगाकर तोड़फोड़ की गयी, जहां पर नालों से पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी. निगम की ओर से नालों के ऊपर किये गये अवैध निर्माण को भी हटाया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह से पानी रुके नहीं. शहर में 13 अगस्त को जलजमाव के हालात के बाद समीक्षा कर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि अवैध रूप से नालों पर निर्माण की वजह से यह विकराल स्थिति बनी है. जिसके बाद अब निगम की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. सोमवार को घंटों की मशक्कत की गयी और नालों से जलनिकासी को सुनिश्चित कराया गया.
बारिश के बीच जिलापाल के साथ निरीक्षण को कुम्हारपाड़ा पहुंचीं एडीएम
जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए सड़क पर उतरा प्रशासन लगातार समीक्षा में जुटा है. इसी क्रम में सोमवार को एक बार डीआरएम और नगर विधायक के साथ कुम्हारपाड़ा और मालगोदाम का दौरा कर चुकीं एडीएम दीना दस्तगीर दोबारा दोपहर के समय जिलापाल डॉ शुभंकर महापात्र के साथ कुम्हारपाड़ा पहुंचीं. जहां पर जिलापाल ने स्थानीय लोगों से समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की. खासकर पानी की जिस जगह से निकासी नहीं हो रही है और पानी सीधे कुम्हारपाड़ा में प्रवेश करते हुए बसंती कॉलोनी की ओर जा रहा है, वहां का दौरा कर स्थितियों का जायजा लिया. जिलापाल ने कहा कि फिलहाल समस्या को पूरी तरह से जाना जा रहा है. तत्काल जो भी कार्य हो सकते हैं, वे किये जा रहे हैं. इसके बाद विस्तार से कार्य किया जायेगा.
