Rourkela News: सेल के निजीकरण व श्रमिक शोषण के खिलाफ एकजुट आंदोलन का आह्वान

Rourkela News: सीटू का 15वां सांगठनिक सम्मेलन सेक्टर-16 में आयोजित हुआ. इसमें केंद्र व राज्य सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध किया गया.

Rourkela News: सेल के इस्पात श्रमिकों के वाजिब अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्षरत स्टील एंप्लाइज ट्रेड यूनियन (सीटू) का 15वां सांगठनिक सम्मेलन स्थानीय श्रमिक भवन, सेक्टर-16 में आयोजित किया गया. सम्मेलन के आरंभ में यूनियन के अध्यक्ष एवं सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विष्णु मोहंती ने संगठन का लाल झंडा फहराया.

नौ साल बाद भी एनजेसीएस समझौता लागू नहीं हो सका : विष्णु मोहंती

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए श्री मोहंती ने कहा कि केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट्स के हितों के लिए देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का निजीकरण करने का फैसला किया है. अब आरएसपी की विभिन्न इकाइयों, स्कूलों और शिक्षा का निजीकरण करने के बाद इस्पात जनरल अस्पताल और शहरी सेवाओं का निजीकरण अपने चरम पर पहुंच गया है. केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा पूंजीपतियों और कॉरपोरेट्स को संरक्षण देने वाले श्रम कानूनों को निरस्त कर उन्हें संहिताओं में बदलने के बाद अब ओडिशा राज्य सरकार ने औद्योगिक अधिनियम और वाणिज्यिक अधिनियम में बदलाव कर श्रमिकों के दैनिक कार्य दिवस को आठ से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया है. नौ साल बाद भी एनजेसीएस समझौता लागू नहीं हो सका है. इसके प्रतिवाद में सभी मजदूर संगठनों और जनता को संगठित कर बड़े पैमाने पर आंदोलन का आह्वान किया.

संगठन की राजनीतिक और सांगठनिक रिपोर्ट पेश की

इस सम्मेलन में सीटू के राज्य उपाध्यक्ष जहांगीर अली, राज्य सचिव एचएन यादव, राज्य कमेटी सदस्य बीपी महापात्रा, राज किशोर प्रधान, ताजमुन नेहार, भागीरथ टुडू, चंद्रभानु दास ने अपनी बात रखी. सम्मेलन में यूनियन के महासचिव बसंत नायक ने संगठन की राजनीतिक और सांगठनिक रिपोर्ट पेश की. महासचिव की रिपोर्ट पर विभिन्न विभागों के युवा कर्मचारी नेताओं ने चर्चा में भाग लिया और सेल अधिकारियों द्वारा श्रमिकों के शोषण और इसके खिलाफ आंदोलन पर अपने विचार व्यक्त किये. 33 हजार करोड़ की लागत से आरएसपी की विस्तार योजना को तुरंत लागू करने और स्थानीय बेरोजगारों व विस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता देने पर चर्चा की गयी. इस सम्मेलन में श्रमिक विरोध के खिलाफ एक संयुक्त आंदोलन, चार श्रम कोड, इस्पात उद्योग, शिक्षा और टाउनशिप के निजीकरण, सरकार द्वारा 10 घंटे काम, महिलाओं से रात में काम के प्रस्ताव, बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी, सांप्रदायिकता व ट्रंप के देश विरोधी टैरिफ के खिलाफ आने वाले दिनों में एक बड़े आंदोलन के लिए एक सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया.

संपादक और कार्यकारी समिति का हुआ चुनाव

सम्मेलन में सर्वसम्मति से अगले तीन वर्षों के लिए संपादक और कार्यकारी समिति का चुनाव किया गया. इसमें विष्णु मोहंती को अध्यक्ष, श्रीमंत बेहरा, सुरेश बेहुरिया को कार्यकारी अध्यक्ष, विमान माइती, सुरेंद्र मोहंती, एचएन पाणिग्राही, सचिन राय, कुलमणि राउत, विद्याधर नायक, सीआर माेहंती को उपाध्यक्ष बनाया गया है. बसंत नायक को महासचिव, रत्नाकर नायक को कोषाध्यक्ष, यज्ञेश्वर साहू को संगठन सचिव, प्रदीप सेठी, जीवन बरिहा, संग्राम सामल, जेजे साहू, त्रिलोचन पात्र, जी किसान, विश्वरंजन मल्लिक, संजय नायक, प्रदोष परिडा, रंजन दास, पीके षाड़ंगी, शिवराम बेहेरा, संतोष बेहरा, शेख रहमान, शेख तारिक, पितांबर बेहेरा, संन्यासी प्रधान, घनश्याम जेना, विश्वजीत राउतराय, अक्षय राउत, एमके पाणिग्राही, निरंजन बेहेरा, एससी पात्र, सुरेश जेना व जीसी पटेल को सचिव चुना गया है.

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Published by: Bipin kumar yadav

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