राउरकेला : सर्किट हाउस कांड में गिरफ्तार निलंबित भाजपा युवा नेता प्रकाश पासवान को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस ने पांच दिन की रिमांड मांगी है. पुलिस ने मामले की गंभीरता और विस्तार से पूछताछ की जरूरत का हवाला देते हुए कोर्ट से रिमांड मांगी है.
आरजीएच में मेडिकल के बाद कोर्ट चालान
इससे पूर्व प्रकाश पासवान की बिहार के बेगुसराय जिले के बरौनी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी के बाद उसे साथ लेकर पुलिस गुरुवार रात राउरकेला पहुंची. जिसके बाद प्रकाश का राउरकेला सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया गया और तुरंत अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. इस दौरान भारी सुरक्षा के बंदोबस्त किये गये थे.
अदालत ने जारी किया था गैरजमानटी वारंट
प्रकाश के खिलाफ अदालत ने गैरजमानती वारंट जारी किया था. बुधवार देर शाम बिहार के बरौनी रेलवे स्टेशन से आरपीएफ और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया था. जिसके बाद राउरकेला से पुलिस की एक टीम बरौनी रवाना हुई. गुरुवार को बिहार एसटीएफ ने प्रकाश को ओडिशा पुलिस को सौंप दिया था. जिसके बाद राउरकेला पुलिस उसे लेकर रात करीब साढ़े 9 बजे राउरकेला पहुंची.
सर्किट हाउस कांड में संलिप्तता के मिले थे पुख्ता सबूत
14 अगस्त की रात पुलिस ने पानपोष स्थित सर्किट हाउस में छापेमारी कर कमरा संख्या-107 और 111 से हथियारों के साथ दो युवकों को पकड़ा था. बाद में दोनों की निशानदेही पर सात अन्य लोगों की गिरफ्तारी पुलिस ने की थी. सर्किट हाउस में कमरा प्रकाश पासवान के कहने पर बुक किये जाने की बात तफ्तीश में सामने आयी थी. गिरफ्तार आरोपियों में से तीन को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी, जिसमें प्रकाश पासवान की संलिप्तता के भी पुलिस को पुख्ता सबूत मिले थे. जिसके बाद पुलिस ने प्रकाश पर शिकंजा कसना शुरू किया था.
प्रकाश ने कहा-सच, सामने आयेगा
पुलिस की गिरफ्त में आरजीएच पहुंचे प्रकाश को जब मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था, उस समय और मेडिकल के बाद लौटते समय प्रकाश ने वहां मौजूद मीडिया से कहा कि ‘दिने ना दिने सत सामना कु आसिब’ ( किसी ना किसी दिन सच सामने आयेगा). हालांकि पुलिस उसे तत्काल अपने साथ लेकर चली गयी.
प्रकाश के दो सहयोगी गिरफ्तार, कुल संख्या 12 हुई
सर्किट हाउस कांड में दो और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जिसके बाद मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या 12 हो गयी है. इनमें भाजपा के युवा नेता प्रकाश पासवान भी शामिल हैं. भाजपा मंडल अध्यक्ष जॉन नायक और अमित नायक उर्फ चगलू ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था. दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. दोनों प्रकाश पासवान के सहयोगी बताये जा रहे हैं.
प्रकाश से पूछताछ में खुल सकतीं हैं कई परतें
प्रकाश पासवान से पूछताछ में सर्किट हाउस कांड के कई राज खुलने की उम्मीद पुलिस को है. इस बीच, जांच का दायरा बढ़ता हुआ दिख रहा है और कुछ सरकारी कर्मचारी भी शक के घेरे में आ गये हैं. अगर जांच के दौरान उनकी मिलीभगत या लापरवाही साबित होती है, तो उनके खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है. पुलिस सर्किट हाउस के मैनेजमेंट और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले कुछ कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है. चल रही जांच के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है.
वन भूमि पर बना प्रकाश का दफ्तर सील
टिंबर कॉलोनी में भूमि पर बने प्रकाश पासवान के दफ्तर को वन विभाग ने शुक्रवार को सील कर दिया है. साथ ही एक नोटिस भी चस्पा किया गया है, जिसमें लिखा है कि उपरोक्त निर्माण वन अधिनियमों का उल्लंघन कर किया गया है. लिहाजा निर्माण में इस्तेमाल सामग्री को जब्त किया जा रहा है. नोटिस में कहा गया है कि अगर इसे लेकर किसी तरह की आपत्ति है, तो 31 अगस्त तक डीएफओ कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखें. अगर तय तारीख को उपस्थित नहीं होते हैं, तो वन अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की जायेगी. गौरतलब है कि इस दफ्तर की वैधता को लेकर सवाल उठ रहे थे. वन भूमि पर इस निर्माण को अवैध बताया जा रहा था. 14 अगस्त को सर्किट हाऊस कांड के बाद से ही इस पर कार्रवाई की मांग हो रही थी. वहीं वन विभाग की ओर से भी लगातार जांच की जा रही थी. अब शुक्रवार को इस कार्रवाई के बाद संभावना है कि वन विभाग और भी सख्त कदम उठा सकती है.
उदितनगर थाना में एक और मामला दर्ज
सर्किट हाउस कांड के मुख्य आरोपी प्रकाश पासवान के खिलाफ उदितनगर थाने में शुक्रवार को भी एक मामला दर्ज किया गया है. इससे पहले भी उदितनगर थाने में ही एक और मामला दर्ज किया गया था. शुक्रवार को मालगोदाम निवासी बंदना देवी ने प्रकाश के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है.
