Jharsuguda News: राजनीतिक हितों को साधने के लिए स्कूली बच्चों को प्रदर्शन में शामिल किये जाने के आरोप को लेकर झारसुगुड़ा जिले की राजनीति गरमा गयी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारसुगुड़ा जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर बीजू जनता दल (बीजद) की नेता दीपाली दास और राज्य बीजद युवा संगठन की अध्यक्ष इप्सिता साहू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.
पूर्व विधायक दीपाली दास और इप्सिता साहू पर साधा निशाना
भाजपा के अनुसार, झारसुगुड़ा जिलाधीश कार्यालय के सामने बीजद की ओर से शिक्षा बचाओ आंदोलन के दौरान प्रदर्शन में स्कूल यूनिफॉर्म पहने नाबालिग स्कूली बच्चों को शामिल किया गया. भाजपा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण माहौल में पुतला दहन किया गया तथा जलती आग के बेहद करीब छोटे-छोटे बच्चों को खड़ा कर उनसे नारेबाजी करायी गयी, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गयी थी. भाजपा ने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि किसी भी राजनीतिक दल को अपनी रैली या आंदोलन में बच्चों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बीजद नेताओं ने इन दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए बाल संरक्षण कानूनों का उल्लंघन किया है. इस मुद्दे पर झारसुगुड़ा जिला भाजपा ने कई सवाल भी उठाये हैं. पार्टी ने पूछा कि शिक्षा बचाओ का बैनर थामकर बच्चों को स्कूल से निकालकर राजनीतिक प्रदर्शन और पुतला दहन स्थल तक ले जाना कैसी नैतिकता है? भाजपा का कहना है कि पूर्व विधायक दीपाली दास और बीजद युवा संगठन की प्रदेश अध्यक्ष इप्सिता साहू जैसी जिम्मेदार नेताओं द्वारा ऐसे कथित अवैध कार्यों को बढ़ावा देना उनकी गैर-जिम्मेदाराना मानसिकता को दर्शाता है.
निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की
भाजपा ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और स्थानीय प्रशासन से पूरे मामले में स्वतः संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी नेताओं और बीजद पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. पार्टी ने चेतावनी दी कि ओडिशा के भविष्य यानी बच्चों को किसी भी परिस्थिति में राजनीति का माध्यम नहीं बनने दिया जायेगा. जिलाधीश को ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के विमलेंदु भोई, पुरुषोत्तम थिरानी, रूबी मोहंती, विवेक श्रीवास्तव, तरंग गिडवानी, विकल्प तिवारी, दोशीला माझी, कुनी मलिक, स्वीटी राउत, आनंद शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.
ओएससीपीसीआर ने बीजद सुप्रीमो को जारी किया नोटिस
झारसुगुडा जिले में बीजू जनता दल (बीजद) द्वारा आयोजित एक राजनीतिक रैली में नाबालिग बच्चियों की भागीदारी और सहभागिता का संज्ञान लेते हुए ओडिशा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (ओएससीपीसीआर) ने शुक्रवार को बीजद के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पार्टी के तीन अन्य नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया. ओएससीपीसीआर ने यह स्पष्ट करने को कहा है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न शुरू की जाये. आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के अलावा झारसुगुड़ा की पूर्व विधायक दीपाली दास, ब्रजराजनगर की पूर्व विधायक अलका मोहंती और बीजू छात्र जनता दल की प्रदेश अध्यक्ष इप्शिता साहू को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है. झसकेतन प्रधान, आयुष सराफ और श्रीयम मोहपात्रा द्वारा दायर शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने उक्त नेताओं को सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है. आयोग ने झारसुगुड़ा कलेक्टर, एसपी और बाल जिला कल्याण समिति के अध्यक्ष को मामले की जांच करने और दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ लागू कानूनों के तहत उचित कार्रवाई करने और सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है.
