Bhubaneswar News: इपीएस-95 के तहत 5000 रुपये न्यूनतम पेंशन की मांग पर बीएमएस का प्रदर्शन 18 को

Bhubaneswar News: भारतीय मजदूर संघ ने इपीएस-95 के तहत 5000 रुपये पेंशन की मांग पर 18 मार्च को देश व्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है.

Bhubaneswar News: भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने इपीएस-95 योजना के तहत न्यूनतम पेंशन 5000 रुपये करने की मांग को लेकर 18 मार्च को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. संघ ने गुवाहाटी में केंद्रीय कार्य समिति की बैठक में यह प्रस्ताव पास किया, जिसके तहत सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किये जायेंगे. इसके साथ ही, जिला कलेक्टरों के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपा जायेगा. राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी सुरेंद्रन ने यह जानकारी एक संवाददाता सम्मेलन में दी.

ओडिशा में जिलाधिकारी कार्यालय व प्रमुख उद्योगों के सामने होगा प्रदर्शन

बीएमएस के प्रदेश सचिव पृथ्वीराज पंडा ने बताया कि ओडिशा में भी राज्यभर में जिला कलेक्टर कार्यालयों और प्रमुख उद्योगों के सामने विरोध प्रदर्शन किये जायेंगे और ज्ञापन प्रदान किया जायेगा. वर्तमान में, लगभग 76 लाख इपीएस-95 पेंशनभोगियों में से अधिकतर पूर्व सरकारी कर्मचारी हैं और इनकी पेंशन बहुत कम है. पिछले तीन वर्षों से, बीएमएस ने इपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने और इसे महंगाई भत्ते के साथ जोड़ने की मांग की है. इसके अलावा, बीएमएस इन पेंशनभोगियों के लिए आयुष्मान भारत योजना को भी लागू करने की मांग कर रहा है. सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया है, जबकि बीएमएस द्वारा विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को उठाया गया है. इसके अलावा, स्कीम वर्कर्स (आंगनबाड़ी, आशा, एमडीएम कर्मी) और ठेका कर्मचारियों के लिए भी बीएमएस कई अन्य लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है.

स्कीम वर्कर्स को पुन:परिभाषित करना प्रमुख मांगों में शामिल

पृथ्वीराज पंडा ने बताया कि बीएमएस की प्रमुख मांगों में स्कीम वर्कर्स की स्थिति को पुनः परिभाषित करना शामिल है. वर्ष 1973 से आंगनबाड़ी कर्मियों को स्कीम वर्कर्स के रूप में वर्गीकृत किया गया है. बीएमएस सरकार से इन कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी मानने और उन्हें सभी सरकारी कर्मचारियों की सुविधाएं देने की मांग कर रहा है. इसी तरह भारतीय मजदूर संघ ठेका कर्मचारियों के अधिकार की मांग करता है. विभिन्न उद्योगों और संस्थानों में अस्थायी नियुक्तियों के तहत काम कर रहे ठेका कर्मचारियों के पास नौकरी की सुरक्षा, न्यायपूर्ण मजदूरी और उचित सुविधाएं नहीं हैं. बीएमएस इन कर्मचारियों के लिए नियमितकरण, न्यायपूर्ण वेतन और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी की मांग कर रहा है. इस संवाददाता सम्मेलन में मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री अंजलि पटेल भी उपस्थित थी.

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Published by: Bipin kumar yadav

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