Rourkela News: राष्ट्रीय संगीत समारोह में प्रख्यात कलाकारों ने प्रस्तुति से समां बांधा

Rourkela News: जयदेव कला विकास केंद्र का सातवां राष्ट्रीय स्तरीय संगीत समारोह मां बाट मंगला शक्ति पीठ परिसर में आयोजित हुआ. इसमें कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समा बांधा

Rourkela News: जगदा स्थित जयदेव कला विकास केंद्र की राउरकेला शाखा की ओर से मां बाट मंगला शक्ति पीठ परिसर में सातवां राष्ट्रीय स्तरीय संगीत समारोह संपन्न हो गया. संस्था के अध्यक्ष प्रदीप कुमार पंडा की देखरेख में आयोजित इस समारोह में संस्था के सलाहकार संजीव महंती के अलावा संस्था से जुड़े सदस्यों का अहम योगदान रहा. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय जनजातीय कार्य मंंत्री जुएल ओराम तथा सम्मानित अतिथि रघुनाथपाली के विधायक दुर्गाचरण तांती मुख्य रूप से उपस्थित थे. केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को शहर के लिए गौरव की बात कही. सम्मानित अतिथि दुर्गाचरण तांती ने कहा कि ऐसे आयोजन से शहर के कलाकारों को प्रोत्साहन व प्रेरणा मिलती है तथा उनको अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन के लिए उचित मंच मिलता है.

राज्य व राष्ट्रीय स्तर के 30 से अधिक कलाकारों ने दी प्रस्तुति

कार्यक्रम में राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर के 30 से ज्यादा दिग्गज व नये कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी. इनमें पुरी से गुरु यामिनीकांत मिश्र, गुरु प्रज्ञा मिश्र, बनारस से गुरु प्रियांशु घोष, कोलकाता से जेसिका घटक, गुरु केलुचरण महापात्र गवेषणा केंद्र भुवनेश्वर से ओडिशा संगीत मेधावी गवेषिका नीलिमा प्रधान, स्मृतिरेखा प्रधान व सुनीता बिस्वाल ने ओडिसी संगीत प्रस्तुत किया. भुवनेश्वर के प्रख्यात मांदर वादक सच्चिदानंद दास, कालंदीचरण परिडा की उपस्थिति में जलंधर नायक, पं गुलशन कुमार व जयगुरु प्रधान ने मांदर वादन किया. भुवनेश्वर के प्रतिष्ठित तबला वादक डाॅ तापस पाल व कोलकाता से गुरु अबीर मुखर्जी व सुदीप मुखर्जी ने तबला पर, कोलकाता की सरोद सिस्टर्स ट्र���इली व मोइसिली दत्त व गया बिहार के हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत पखावज वादक भ्राता गौरव व साैरव शंकर उपाध्याय, सोलापुर से गुरु कपिल विष्णु यादव व गुरु अमोल यादव ने वाद्य उपकरणों पर संगत प्रदान की.

त्रयाे वाद्य उपकरण से कर्नाटक संगीत शैली में संगीत परिवेशन किया

विशाखापट्टनम की कर्नाटक संगीत शैली में गुरु एच रामचरण, मृदंगम वादक गुरु एम कामेश व घटम वादक गुरु टीएम चैतनम ने त्रयाे वाद्य उपकरण से संगीत परिवेशन किया. इसके अलावा राउरकेला की गुरु वीणा रथ, डाॅ सुशांत कुमार पाणि, गुरु प्रभाती महापात्र, गुरु रजत पंडा व सुप्रित प्रियदर्शी पंडा ने विभिन्न कार्यक्रमों में योगदान दिया. ओडिशा के प्रसिद्ध दूरदर्शन उद्घोषक डाॅ श्रीनिवास घटुआरी व डाॅ सुशांत पाणि ने कार्यक्रम का संचालन किया.

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