Bhubaneswar News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में ओडिशा सरकार ने स्कूली शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलावों की शुरुआत कर दी है. इसी क्रम में ओडिशा स्कूल एजुकेशन प्रोग्राम अथॉरिटी ने शिशु वाटिका (प्री-स्कूल) से लेकर कक्षा आठवीं तक के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और नमूना समय-सारिणी जारी की है.
सीखने की प्रक्रिया को अधिक आनंददायक बनाना है उद्देश्य
राज्य सरकार ने ओडिशा करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन-2025 के अनुरूप पाठ्यक्रम में संशोधन करते हुए नयी पाठ्यपुस्तकों को भी लागू किया है. यह कदम राज्य की स्कूली शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का हिस्सा माना जा रहा है. नयी व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में 10 ‘बैगलेस डे’ का प्रावधान शामिल है. इन दिनों विद्यार्थियों को स्कूल बैग लाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे गतिविधि-आधारित, अनुभवात्मक एवं कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे. इसका उद्देश्य छात्रों पर शैक्षणिक बोझ कम करना तथा सीखने की प्रक्रिया को अधिक आनंददायक और समग्र बनाना है.
सप्ताह में कुल 42 पीरियड संचालित किये जायेगे
स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गयी नयी एकीकृत समय-सारिणी को राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लागू किया जायेगा. जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, विद्यालय वर्ष में कुल 230 दिनों तक संचालित होंगे। इनमें से 20 दिन मूल्यांकन, परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए तथा 20 दिन वार्षिक उत्सव, खेलकूद प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के लिए निर्धारित किये गये हैं. शेष 190 दिन नियमित शिक्षण एवं अधिगम गतिविधियों के लिए उपयोग किये जायेंगे. कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा के चार निर्धारित पीरियडों में से एक पीरियड को बैगलेस डे गतिविधियों के लिए आरक्षित किया जायेगा. इन गतिविधियों का आयोजन प्राथमिकता के आधार पर शनिवार को किया जायेगा, जिससे छात्रों को व्यावहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा का अनुभव मिल सके. नयी समय-सारिणी के तहत प्रत्येक कार्यदिवस में सात पीरियड होंगे, जिससे सप्ताह में कुल 42 पीरियड संचालित किये जायेगे. गणित, विज्ञान, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा जैसे विषयों को विशेष महत्व दिया गया है.
सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 से शाम 4:00 बजे तक संचालित होंगी कक्षाएं
नयी व्यवस्था के अनुसार विद्यालयों का संचालन सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा, जबकि शनिवार को कक्षाएं सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित की जायेंगी. अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 80 से 90 मिनट के दो संयुक्त पीरियड निर्धारित किये गये हैं, जिनमें परियोजना कार्य, विज्ञान प्रयोग, रोल-प्ले, प्रस्तुतीकरण और अन्य व्यावहारिक गतिविधियां करायी जायेंगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सिफारिशों के अनुरूप कला एवं शारीरिक शिक्षा को भी पाठ्यक्रम में विशेष स्थान दिया गया है, जिसमें सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों प्रकार की कक्षाओं की व्यवस्था की गयी है. ओसेपा ने विभिन्न स्तरों के लिए अलग-अलग नमूना समय-सारिणी तैयार कर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेज दी है तथा इसके प्रभावी और अनिवार्य क्रियान्वयन के निर्देश जारी किये हैं.
