TMC Rebellion: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में मचे राजनीतिक घमासान के बीच पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोमवार को वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने बीमारी का बहाना बनाकर पार्टी नेतृत्व को गुमराह किया और बाद में दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की. महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सुदीप बंद्योपाध्याय के पुराने राजनीतिक विवादों का भी जिक्र किया.
महुआ ने लिखा, ‘दादा सुदीप बंद्योपाध्याय, आपको 2017 में रोज वैली घोटाले में गिरफ्तार किया गया था. तब भी आपने बीमारी का सहारा लिया था और जेल से अस्पताल पहुंचने के लिए मदद ली थी. इस बार भी आपने बीमारी का बहाना बनाकर दिल्ली जाकर गद्दारी की. तापस रॉय और कुणाल घोष आपके बारे में सही थे, गलती हमारी थी.’
अस्पताल में भर्ती होने की बात, लेकिन दिखे दिल्ली में
महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने पार्टी नेताओं को बताया था कि पेट की समस्या के कारण उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, उनके अनुसार बाद में टीवी चैनलों पर सुदीप बंद्योपाध्याय को दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर देखा गया.
महुआ ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘उनका मुखौटा और उनकी विग दोनों उतर गए. सुदीप बंद्योपाध्याय ने हमें बताया था कि वह पेट की समस्या के कारण कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन अचानक हमने उन्हें दिल्ली में भूपेंद्र यादव के घर पर टीवी पर देखा. दादा, अब कम से कम अपना एक्स हैंडल बदलकर ‘सुदीप बीजेपी बी टीम’ कर लीजिए. हमारे नाम का इस्तेमाल मत कीजिए.’
कुणाल घोष ने भी साधा निशाना
महुआ मोइत्रा के बाद टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भी सुदीप बंद्योपाध्याय की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि सुदीप का राजनीतिक इतिहास दल बदलने से जुड़ा रहा है. कुणाल घोष ने कहा, ‘ममता दीदी ने इन लोगों को पद दिया, सम्मान दिया और बदले में इन्हें यही मिला. सुदीप बंद्योपाध्याय का इतिहास पार्टियां बदलने का रहा है.’
उन्होंने आगे दावा किया कि सुदीप बंद्योपाध्याय की राजनीति हमेशा ममता बनर्जी को गुमराह करके चलती रही. कुणाल घोष ने कहा, ‘हम पहले भी कहते रहे हैं कि वह ठीक व्यक्ति नहीं हैं और उनकी राजनीति केवल ममता दीदी को भ्रमित करके चलती है. मैंने यह बात पहले भी उठाई थी, जिसके कारण मुझे पार्टी से निलंबित तक किया गया था. आज साबित हो रहा है कि उस समय जो मैंने कहा था, वह सही था.’
सुदीप ने ममता बनर्जी को चीफ एजवाइजर बनाने की बात कही
इन आरोपों और दावों पर सुदीप बंद्योपाध्याय की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, रविवार को उन्होंने बांग्ला न्यूज चैनल को दिये गए इंटरव्यू में कहा कि टीएमसी के ज्यादातर सांसद-विधायक चाहते हैं कि पार्टी के संगठन का वजूद बचा रहे. बागी नेताओं ने उनसे कहा कि वे सभी ममता बनर्जी का सम्मान करते हैं, इसलिए हम उन्हें पार्टी का मुख्य सलाहकार बनाकर मार्गदर्शक के रूप में रखना चाहते हैं. उनकी अपील ने मुझे भावुक कर दिया, इसलिए वह दीदी का साथ छोड़कर बागी गुट के साथ जा रहे हैं.
उनकी इस टिप्पणी पर टीएमसी (ममता गुट) के नेता सांसद कल्याण बनर्जी ने भी नाराजगी जताई. उन्होंने ममता बनर्जी के सुदीप बंद्योपाध्याय पर किए गए अहसानों को गिनाया. उन्होंने कहा कि दीदी ने ही सुदीप को राजनीति सिखाई, दिल्ली पहुंचाया, संकट में साथ दिया और आज वही सुदीप ममता बनर्जी को ‘सलाहकार’ बनाने की बात कर रहे हैं.
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टीएमसी में बढ़ी बगावत
महुआ मोइत्रा और अन्य नेताओं सुदीप बंद्योपाध्याय को लेकर यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़े स्तर पर मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं. खबरें हैं कि लोकसभा में पार्टी के 20 सांसदों ने अलग समूह बना लिया है. इन सांसदों का दावा है कि वही ‘वास्तविक टीएमसी’ का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन्होंने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की भी मांग की है.
20 सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का किया दावा
बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने दावा किया है कि लोकसभा के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया है. उन्होंने कहा कि अब यह समूह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देगा. इस दावे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है. वहीं सुदीप बंद्योपाध्याय के आने से बागी गुट के सांसदों की संख्या कुल 22 हो जाएगी.
