INS विक्रांत मामला: 1 रुपये की भी नहीं हुई हेरा-फेरी, घोटाले के आरोप पर बोले किरीट सोमैया- किस बात का डर

आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए जमा की गई रकम में 50 करोड़ के घोटाला के आरोपी पूर्व भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा है कि उन्होंने एक पैसे की भी हेराफेरी नहीं की है. पुलिस की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि, किसी तरह की जांच और पूछताछ के लिए वो तैयार है.

आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए जमा की गई रकम में 50 करोड़ के घोटाला के आरोपी पूर्व भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा है कि उन्होंने एक पैसे की भी हेराफेरी नहीं की है. पुलिस की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि, किसी तरह की जांच और पूछताछ के लिए वो तैयार है. उन्होंने साफ कहा कि किसी तरह का घोटाला नहीं हुआ है. विक्रांत निधि संग्रह में एक रुपये का भी निकासी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि शिवसेना नेता संजय राउत के आरोप बेबुनियाद है. उन्होंने आरोप लगाया है लेकिन इसे साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया है.

बता दें, मुंबई पुलिस ने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए एकत्रित की गई 57 करोड़ रुपये से अधिक की निधि में कथित अनियमितता को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया और उनके बेटे नील के खिलाफ धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज किया है. इस मामले में एक अधिकारी ने गुरूवार को कहा कि उपनगर मनखुर्द में ट्रॉम्बे पुलिस थाने में बुधवार शाम को सेना के 53 वर्षीय पुलिस कर्मी की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

बता दें, आईएनएस विक्रांत को 1961 में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया. यह एक राजसी श्रेणी का विमानवाहक पोत है. उसने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पूर्वी पाकिस्तान के नौसैन्य अवरोध में अहम भूमिका निभायी थी. जनवरी 2014 में इस जहाज को एक ऑनलाइन नीलामी के जरिए बेच दिया गया था. शिकायतकर्ता ने कहा कि सोमैया ने आईएनएस विक्रांत के लिए निधि एकत्रित करने का एक अभियान चलाया.

उन्होंने बताया कि उन्होंने जहाज को बचाने के लिए सोमैया को दान दिया था और भाजपा नेता ने इस मकसद के लिए 57 करोड़ रुपये से अधिक की निधि जुटायी. महाराष्ट्र के राज्यपाल के सचिव कार्यालय में इस निधि को जमा कराने के बजाय उन्होंने निधि में अनियमितता की. शिवसेना के स्थानीय नेताओं ने बुधवार को शिकायतर्ता के साथ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाया.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वास भंग), धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 34 (साझा मंशा) के तहत किरीट सोमैया, उनके बेटे नील और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की गयी है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने बुधवार को किरीट सोमैया पर आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए दान के तौर पर लोगों से जमा की 57 करोड़ रुपये की निधि के गबन का आरोप लगाया था. आरोप को खारिज करते हुए सोमैया ने कहा था कि अगर राउत के पास कोई सबूत है उन्हें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सौंपना चाहिए.

Also Read: भारत में अंधेरा फैलाने की ड्रैगन कर रहा कोशिश, चीनी हैकर्स के निशाने पर भारत के पावर ग्रिड

Posted by: Pritish Sahay

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >