महाराष्ट्र: विधान भवन के बाहर विपक्षी नेताओं का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप

नागपुर में विधान भवन की सीढ़ियों पर सरकारी नीतियों के खिलाफ विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया. विपक्षी दलों के विधायकों ने राज्य सरकार की नीतियों और राज्य के मंत्रियों द्वारा कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ नागपुर में विधान भवन की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया.

महाराष्ट्र के नागपुर में विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है. यह सत्र काफी हंगामेदार हो रहा है. सरकारी नीतियों के खिलाफ विपक्ष सदन के अंदर हंगामा कर रहा है और सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन. इसी कड़ी में एक बार फिर विपक्षी दलों के विधायकों ने राज्य सरकार की नीतियों और राज्य के मंत्रियों द्वारा कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ नागपुर में विधान भवन की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया. विधायकों ने सरकारी नीतियों का पारंपरिक लोक गीत गाकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र फिलहाल नागपुर में चल रहा है और विपक्ष के नेता विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाना बना रहा है. इससे पहले शुक्रवार को महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा-विकास आघाडी के नेताओं ने विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही का बहिष्कार किया था. विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया था.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार कर्नाटक से जारी सीमा विवाद को लेकर आज विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश कर रही है. बता दें, महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार से विधानसभा के शीतकालीन सत्र में एक प्रस्ताव लाने की मांग की थी.जिसके बाद आज सरकार प्रस्ताव पेश कर रही है. वहीं, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडनवीस ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि प्रस्ताव बहुमत से पारित हो जाएगा.

क्या है महाराष्ट्र कर्नाटक सीमा विवाद: बता दें, महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच 1957 में भाषाई आधार पर पुनर्गठन के बाद से ही सीमा विवाद की आग सुलग रही है. महाराष्ट्र बेलगावी पर अपना दावा करता है, जो तत्कालीन बॉम्बे प्रेसीडेंसी का हिस्सा था. साथ ही वहां मराठी भाषी आबादी का एक बड़ा हिस्सा वहां रहता है. इसके अलावा महाराष्ट्र 800 से अधिक मराठी भाषी गांवों पर भी अपना दावा करता है, जो फिलहाल कर्नाटक का हिस्सा हैं. 

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Author: Pritish Sahay

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