आज जेल से रिहा हो सकते हैं अनिल देशमुख, बॉबे हाई कोर्ट ने बेल पर स्टे देने से किया इनकार

एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख आज जेल से रिहा हो सकते हैं. जमानत मामले में सीबीआई की स्टे की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि आज देशमुख की रिहाई हो सकती है. धनशोधन मामले में अनिल देशमुख नवंबर 2021 से ही जेल में बंद हैं.

एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख आज जेल से रिहा हो सकते हैं. करीब एक साल  जेल में रहने के बाद आज उनकी रिहाई हो सकती है. बता दें, बॉम्बे हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के केस में देशमुख को मिली जमानत के खिलाफ सीबीआई की स्टे की अपील को खारिज कर दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि एनसीपी नेता अनिल देशमुख आज जेल से रिहा हो सकते हैं.

12 दिसंबर को मिली थी जमानत: बता दें, न्यायमूर्ति जस्टिस एमएस कार्णिक ने एनसीपी नेता अनिल देशमुख को 12 दिसंबर को जमानत दी थी, लेकिन सीबीआई ने इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने के लिए समय मांगा था. उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह सीबीआई के अनुरोध पर जमानत आदेश पर रोक को 27 दिसंबर तक बढ़ा दिया था. इसके बाद सीबीआई ने मंगलवार को एक बार फिर रोक बढ़ाने का अदालत से अनुरोध किया. लेकिन उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ ने दलीलों पर सुनवाई के बाद साफ कर दिया कि स्टे को अब और आगे नहीं बढ़ाया जा सकता.

2021 से जेल में हैं अनिल देशमुख: गौरतलब है कि धनशोधन मामले में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख नवंबर 2021 से ही जेल में बंद हैं. ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था. हालांकि उस मामले में देशमुख को जमानत मिल गई थी लेकिन इसी साल अप्रैल में सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. फिलहाल देशमुख मुंबई की आर्थर रोड जेल में न्यायिक हिरासत में हैं.

क्या है अनिल देशमुख पर आरोप: गौरतलब है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृ मंत्री अनिल देशमुख पर बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वझे के जरिए 100 करोड़ रुपए की वसूली करवाने का आरोप है. मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने मार्च 2021 में आरोप लगाया था कि तत्कालीन गृह मंत्री देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को मुंबई के रेस्तरांओं और बार से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य दिया था, इस मामले को लेकर उनकी गिरफ्तार हुई थी.
भाषा इनपुट के साथ

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Author: Pritish Sahay

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