Mahakal Temple Accident: महाकाल मंदिर आग की होगी मजिस्ट्रियल जांच, तीन दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

Mahakal Temple Accident: उज्जैन महाकाल मंदिर अग्निकांड घटना की मजिस्ट्रियल जांच होगी. उज्जैन के कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कहा कि यह घटना क्यों हुई और कैसे हुई, इन सभी बिंदुओं पर एक कमेटी से जांच कराई जाएगी.

Mahakal Temple Accident: उज्जैन महाकाल मंदिर अग्निकांड में 14 से ज्यादा लोग झुलसे हैं. घटना को लेकर उज्जैन के कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर में आज हुई घटना को लेकर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह घटना क्यों हुई और कैसे हुई, इन सभी बिंदुओं पर एक कमेटी से जांच कराई जाएगी.  जांच  का संचालन जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीना और अपर कलेक्टर अनुकूल जैन करेंगे और तीन दिन में रिपोर्ट सौंपी जाएगी. वहीं, पूजा के दौरान इस्तेमाल की गई सामग्री और गुलाल के नमूने ले लिए गए हैं. बता दें, मध्य प्रदेश में उज्जैन के महाकाल मंदिर में आज यानी सोमवार को भस्म आरती के दौरान आग लगने से सेवकों समेत 14 पुजारी झुलस गये थे. घटना के बाद घायलों को अस्पताल में किया गया है.

कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा

हादसे को लेकर अधिकारियों का कहना है कि आग उस समय लगी जब गुलाल पूजा की थाली पर गिर गया, जिसमें जलता हुआ कपूर था. बाद में यह फर्श पर फैल गया और आग में बदल गया. इसे हादसे के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. इस बीच आग की चपेट में पुजारी समेत 14 लोग आ गये. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं घटना को लेकर मीडिया से बात करते हुए प्रदेश के सीएम मोहन लाल ने कहा कि होली के रंगों से बचाने के लिए गर्भगृह की चांदी की दीवारों पर कपड़े लगाए जाते हैं और यह ज्ञात नहीं है कि क्या आग आरती की थाली पर गुलाल फेंकने से गिरने के बाद लगी या फिर गुलाल ने किसी रसायन के साथ प्रतिक्रिया क

पीएम मोदी ने जताया दुख

वहीं, घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दुख जताया है. उन्होंने लिखा कि उज्जैन के महाकाल मंदिर में हुई दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है. इस हादसे में घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है.

घायलों को दिया जाएगा मुआवजा


प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि हादसे में घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी और साथ ही उनका सबसे अच्छा इलाज मुफ्त में किया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा कि ऐसी घटना दोबारा न हो. उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता झुलसे लोगों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करना है. महाकाल की कृपा से कोई हताहत नहीं हुआ है. भाषा इनपुट के साथ

पढ़ें और खबरें

Today News Wrap: कांग्रेस ने जारी की छठी लिस्ट, बीजेपी की सूची में 20 महिला उम्मीदवार, पढ़ें शाम की बड़ी खबरें

Congress 6th List: कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की छठी लिस्ट, पांच उम्मीदवारों के नाम का ऐलान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >