Madhya Pradesh: मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के छतरपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक राजेश प्रजापति और एक पुलिस अधिकारी के बीच थाने में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने को लेकर बहस हो गई. बताया जा रहा है कि विधायक राजेश प्रजापति ने लवकुशनगर थाने के बाहर धरना दिया, जबकि बाद में उनके और थाना प्रभारी के बीच हाथापाई की घटना भी हुई.
बता दें कि हेमंत नायक नामक पुलिस अधिकारी द्वारा विधायक राजेश प्रजापति को थाने के प्रवेश द्वार से उठाने के लिए मजबूर करने का एक वीडियो वायरल हुआ है. थाना प्रभारी को विधायक पर एक व्यक्ति के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए सुना गया, जबकि प्रजापति को पुलिस अधिकारी के व्यवहार और आवाज के लहजे पर सवाल उठाते हुए सुना गया.
जानिए क्या है पूरा मामला!वायरल वीडियो में विधायक ने कहा कि देखो वह (नायक) कैसे बोल रहे हैं, वह भी एक विधायक के साथ. उसके बाद थाना प्रभारी की ओर मुंह करके विधायक ने कहा कि चिल्लाओ मत, तुम मुझ पर चिल्ला नहीं सकते. हम यहां बैठेंगे और विरोध करेंगे. मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विधायक अपने समर्थकों के साथ एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कराने लवकुशनगर थाने पहुंचे. हालांकि, पुलिस अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया, जिस पर प्रजापति ने प्रवेश द्वार के सामने धरना दिया. नायक ने विधायक को जाने का निर्देश दिया लेकिन वह नहीं माने.
Also Read: Pulwama Attack: ‘उनकी शहादत विकसित भारत बनाने के लिए करता है प्रेरित’, PM मोदी समेत कई नेताओं ने किया ट्वीट पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा को करना पड़ा हस्तक्षेपदेखते ही देखते यह मामला बहुत ज्यादा बढ़ गया और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा और थाना प्रभारी को बुलाना पड़ा. रिपोर्ट के मुताबिक मामले से संबंधित विधायक की जांच शुरू हो गई है और विरोध प्रदर्शन को बाद में बंद कर दिया गया था. विधायक प्रद्युम्न सिंह ने विधायक राजेश प्रजापति के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
