Lok Sabha Election 2024 : पीएम मोदी ने कहा-शहजादे में हिम्मत है तो सामने आकर कहें -मैं ट्रिपल तलाक फिर से लागू कर दूंगा

Lok Sabha Election 2024 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेे एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के शहजादे में अगर हिम्मत है तो वे ये लिखकर दें कि उनका कोई हिडेन एजेंडा नहीं है. वे दलितों और पिछड़ों का आरक्षण किसी और को नहीं देना चाहती है.

Lok Sabha Election 2024 : कांग्रेस के शहजादे में अगर हिम्मत है तो वे ये लिखकर दें कि उनका कोई हिडेन एजेंडा नहीं है. वे दलितों और पिछड़ों का आरक्षण किसी और को नहीं देना चाहती है. कांग्रेस मेरी चुनौतियों से भाग रही है, इसका स्पष्ट मतलब यह है कि उनका हिडेन एजेंडा है और अगर वे कुछ कहेंगे तो उनका सच सामने आ जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के जूनागढ़ में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी पर हमला किया.

आर्टिकल 370 फिर से लागू करने की बात देश के सामने कहें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभा में कहा कि अगर शहजादे में हिम्मत है तो वे खुलकर कहें कि वे तीन तलाक की अनुमति दिला देंगे. हमने तो मुस्लिम मां-बहनों की सामाजिक स्थिति सुधारने और उन्हें अधिकार दिलाने के लिए ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून बनवाया है. वे कहें कि आर्टिकल 370 को वे फिर से बहाल कर देंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं कांग्रेस के शाही परिवार को चुनौती देता हूं कि उनके शहजादे देश के सामने आकर कहें कि वे आर्टिकल 370 को फिर से लागू करेंगे. मैं देखना चाहता हूं कि उनके अंदर बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर के अपमान की कितनी ताकत है.

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मैं मेरा भारत, मेरा परिवार के एजेंडा पर काम करता हूं

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा कोई हिडेन एजेंडा नहीं है. मेरी सिर्फ और सिर्फ यह भावना है कि मेरा भारत, मेरा परिवार. इसी भावना के साथ मैंने संकल्प लिया है और 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दिन-रात लगा हुआ हूं. पीएम मोदी ने कहा कि ये मोदी है, आप मुकाबला नहीं कर पाओगे. पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात को लेकर गुजरात के विचार अच्छे नहीं हैं. हमने मछुआरों को किसानों की तरह क्रेडिट कार्ड दिलाया, उनके विकास के लिए काम किया. लेकिन कांग्रेस को गुजरात की चिंता नहीं वे अगर सत्ता में आए तो गुजरात के लिए खतरनाक हालाता पैदा हो सकते हैं. वे तटीय इलाकों पर ध्यान नहीं देते, वे यह कह सकते हैं कि कच्छ के विकास की क्या जरूरत, वहां तो कोई रहता ही नहीं. कांग्रेस गुजरात के तटीय क्षेत्रों का सौदा कर सकती है क्योंकि वहां कोई रहता ही नहीं.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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