CM हेमंत सोरेन के भरोसे के बाद भी क्यों नहीं माने JPSC-JSSC छात्र? 5 मांगों पर अड़ा आंदोलन, 20 अगस्त को CM आवास घेराव

स्वतंत्रता दिवस पर CM हेमंत सोरेन ने परीक्षाओं में पारदर्शिता का भरोसा दिलाया, लेकिन JPSC-JSSC आंदोलनकारी छात्रों का गुस्सा कम नहीं हुआ. 22 दिन से जारी आंदोलन अब उग्र होने वाला है, जिसमें CM आवास घेराव की घोषणा की गई है. जानें क्यों नहीं मानी छात्रों ने बात.

रांची: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत जाया नहीं जाएगी और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठाएगी. लेकिन मुख्यमंत्री के इस भरोसे के कुछ ही घंटे बाद JPSC-JSSC आंदोलनकारी छात्रों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया. छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की घोषणा की है.

छात्रों का कहना है कि आंदोलन को 22 दिन हो चुके हैं, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक समाधान नहीं हुआ है. यही वजह है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद आंदोलन समाप्त करने के बजाय छात्रों ने अगले चरण के आंदोलन की घोषणा कर दी.

CM ने क्या कहा और छात्र क्यों नहीं माने?

15 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के युवाओं की मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्टाचार तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा. उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर और तकनीकी रूप से सुरक्षित परीक्षा प्रणाली विकसित करने की बात कही.

मुख्यमंत्री ने युवाओं से सरकार पर विश्वास बनाए रखने की अपील भी की. इसके बावजूद आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन से उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी. वे परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की जांच समेत अपनी मांगों पर ठोस निर्णय चाहते हैं.

किन मांगों को लेकर जारी है आंदोलन?

छात्र नेताओं के अनुसार, आंदोलन का मुख्य मुद्दा भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर है. उनकी मांगों में 11वीं से 13वीं JPSC तथा JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना और मामले की CBI जांच प्रमुख है.

छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता और उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

यह भी महत्वपूर्ण है कि सरकार की ओर से 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, जबकि छात्रों की मांग इससे आगे की परीक्षाओं को लेकर भी है.

20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान

आंदोलनकारी छात्रों ने अब 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है. इससे आंदोलन का अगला चरण और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है. इससे पहले छात्र 16 अगस्त को राज्य के 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन करने का भी ऐलान कर चुके हैं. रांची में अलबर्ट एक्का चौक पर कार्यक्रम प्रस्तावित है.

आंदोलन खत्म करने के लिए छात्रों को क्या चाहिए?

छात्र नेताओं का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं हो जाता. उनके अनुसार सरकार की ओर से केवल परीक्षा व्यवस्था में भविष्य के सुधार का आश्वासन पर्याप्त नहीं है. वे मौजूदा परीक्षाओं को लेकर भी ठोस कार्रवाई और जांच चाहते हैं. यही वजह है कि मुख्यमंत्री के भरोसे और आंदोलनकारी छात्रों की मांगों के बीच फिलहाल गतिरोध बना हुआ है.


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लेखक के बारे में

By वैभव विक्रम

वैभव विक्रम डिजिटल पत्रकार हैं. बीते 5 सालों से झारखंड की सामाचार, खेल, लाइफस्टाइल, एजुकेशन, धर्म में रुचि है और इसी विषय पर अपने विचार प्रकट करना पसंद है. वर्तमान में प्रभात खबर के झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के जिलों की खबरों को कवर कर रहे हैं. इससे पहले वह साल 2023-24 में प्रभात खबर के खेल डेस्क की खबरें लिखा करते थे.

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