नोवामुंडी ओवरब्रिज के नीचे फिर जमे रैन बसेरे, रेलवे फाटक क्षेत्र में बढ़ी अव्यवस्था

Noamundi News : नोवामुंडी ओवरब्रिज के नीचे फिर से अस्थायी रैन बसेरे बसने लगे हैं. रेलवे फाटक और ओवरब्रिज क्षेत्र में बढ़ती अड्डेबाजी, गंदगी और असामाजिक गतिविधियों से स्थानीय लोग परेशान हैं. महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है.

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट 

Noamundi News : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी ओवरब्रिज के पिलर संख्या 11, 12, 15, 16 तथा 18, 19 के नीचे एक बार फिर अस्थायी रैन बसेरे लगने लगे हैं. ओवरब्रिज की दोनों सीढ़ियों और रेलवे फाटक के आसपास दिनभर लोगों का जमावड़ा बना रहता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां दिन-रात गलत गतिविधियां होती रहती हैं, जिससे इस रास्ते से आने-जाने वाली स्कूली और कॉलेज छात्राओं तथा महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. महिलाएं और छात्राएं खुद को असुरक्षित और असहज महसूस कर रही हैं. 

कार्रवाई के बाद थमी थी अड्डेबाजी, अब फिर बढ़ा जमावड़ा

स्थानीय नागरिकों के अनुसार दुर्गा पूजा के दौरान थाना प्रभारी नयन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन द्वारा ओवरब्रिज के नीचे बने अस्थायी रैन बसेरों को हटाया गया था तथा कार्रवाई भी की गई थी. उस दौरान कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रही और ओवरब्रिज के आसपास अड्डेबाजी बंद हो गई थी, लेकिन अब फिर से यहां जमावड़ा लगने लगा है. 

देर रात तक जमावड़ा, चोरी और गंदगी से लोग परेशान 

आरोप है कि रेलवे फाटक और ओवरब्रिज के पास देर रात तक लोगों का बैठना जारी रहता है. साथ ही चोरी जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है. कुछ लोग ओवरब्रिज की सीढ़ियों पर ही रात गुजारते हैं. वहीं पिलरों के नीचे खाना बनाने और रहने के कारण आसपास गंदगी भी फैल रही है. 

रेलवे ट्रैक पर बच्चों का जमावड़ा, हादसे का डर

स्थिति अब और गंभीर होती जा रही है, क्योंकि स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे भी देर रात तक रेलवे पटरी के आसपास बैठे रहते हैं. इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है. रेलवे ट्रैक के आसपास देर रात तक मौजूद रहने से उनकी जान को खतरा बना रहता है, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है. 

पेट्रोलिंग कम होते ही फिर बढ़ी अड्डेबाजी

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरब्रिज और रेलवे फाटक क्षेत्र में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए तथा असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए. स्थानीय लोगों का कहना है कि बीच में नोवामुंडी पुलिस द्वारा लगातार गश्ती की जा रही थी, जिससे लोगों में डर का माहौल था, लेकिन पेट्रोलिंग कम होते ही फिर से अड्डेबाजी शुरू हो गई है. 

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Published by: Priya Gupta

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