गुवा से संदीप की रिपोर्ट
Kiriburu Night Chaupal: नशा मुक्त अभियान के तहत 22 जून की रात किरीबुरू पश्चिम पंचायत के आर.सी. सिंह हाटिंग में एक महत्वपूर्ण रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता पंचायत की मुखिया पार्वती कीड़ो और किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार ने की. चौपाल में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीणों ने भाग लिया और नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया.
नशापान बना सामाजिक समस्याओं की जड़
चौपाल को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी रोहित कुमार ने समाज में बढ़ती समस्याओं को (Wine, Women, Wealth)” के माध्यम से समझाया. उन्होंने कहा कि थाना में आने वाले अधिकांश मामले शराब सेवन, महिलाओं के प्रति हिंसा तथा धन-संपत्ति विवाद से जुड़े होते हैं. इन समस्याओं की प्रमुख वजह नशापान है. उन्होंने कहा कि शराब केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी नुकसान पहुंचाती है.
युवाओं को नशामुक्ति की दिलाई शपथ
नशा युवाओं की ऊर्जा और भविष्य को बर्बाद कर अपराध को बढ़ावा देता है. मुखिया पार्वती कीड़ो ने उपस्थित लोगों को नशा छोड़ने की शपथ दिलाते हुए कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं. यदि युवा नशे की गिरफ्त में आ जाएंगे तो समाज और देश का विकास प्रभावित होगा. उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जिसे जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है उन्होंने लोगों को शपथ दिलाई कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, समुदाय और मित्रों को भी नशामुक्त बनाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि बदलाव की शुरुआत खुद से होगी और सभी मिलकर झारखंड को नशामुक्त बनाने का दृढ़ संकल्प लें.
शराब से टूट रहे पारिवारिक रिश्ते
चौपाल के दौरान कई महिलाओं ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए बताया कि उनके पति शराब पीकर घर आते हैं और घरेलू हिंसा करते हैं. उन्होंने कहा कि मेहनत-मजदूरी से अर्जित आय का बड़ा हिस्सा शराब में खर्च हो जाता है, जिससे बच्चों की शिक्षा और परिवार की बुनियादी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं. महिलाओं ने कहा कि शराब न केवल आर्थिक स्थिति को कमजोर कर रही है, बल्कि पारिवारिक रिश्तों में भी दरार पैदा कर रही है.
ग्रामीणों ने घर-घर नशामुक्ति का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामीणों ने नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत अपने घर से करने और गांव के प्रत्येक परिवार को जागरूक कर शराब और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ सामाजिक लड़ाई को मजबूत बनाने का संकल्प लिया. इस अवसर पर शानी हेस्सा, कुमुद हेंब्रम, कनक मिश्रा, प्रतिमा सिंह, इंद्रजीत गोप, आशना बिरुआ, राधा मालुवा, नेहा हेंब्रम सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे.
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