Heavy Rain: झारखंड में भारी बारिश से टापू बना टोपाबेड़ा, 600 की आबादी कैद, बरसातभर बने रहते हैं बंधक

Jharkhand Heavy Rain: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार बारिश से टोंटो स्थित देव नदी का जलस्तर बढ़ गया है. इससे टोपाबेड़ा गांव टापू बन गया है. गांव की लगभग 600 आबादी कैद होकर रह गयी है. हर साल बरसात में यहां के लोग बंधक बने रहते हैं. टोंटो और टोपाबेड़ा के बीच देव नदी पर बन रहा पुल निर्माणाधीन है. धीमी गति से निर्माण के कारण इस बार भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी.

Jharkhand Heavy Rain: झींकपानी (पश्चिमी सिंहभूम): बीते तीन दिनों तक लगातार बारिश से टोंटो स्थित देव नदी का जलस्तर बढ़ गया. इससे टोपाबेड़ा गांव टापू बन गया. गांव की लगभग 600 आबादी कैद होकर रह गयी. उनका टोंटो व जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया. टोंटो व टोपाबेड़ा के बीच प्रत्येक वर्ष बरसात में जल स्तर बढ़ने पर संपर्क कट जाता है. इससे लोगों की परेशानी बरसात में बढ़ जाती है. टोंटो और टोपाबेड़ा के बीच देव नदी पर बन रहा पुल निर्माणाधीन है. धीमी गति के कारण इस बार भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी.

बरसात में तीन महीने कैद रहते हैं ग्रामीण


टोपाबेड़ा के ग्रामीण लगभग तीन माह तक गांव में कैद होकर रह जाते हैं. ग्रामीणों का जीवन नारकीय बन जाता है. मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले ग्रामीणों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाती है. गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती है. टोंटो मध्य विद्यालय में शिक्षा हासिल करने वाले बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है.

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दो साल बाद भी पुल निर्माण अधूरा


ग्रामीणों की मांग पर काफी मशक्कत के बाद टोंटो व टोपाबेड़ा के बीच देव नदी में मंत्री सह स्थानीय विधायक दीपक बिरुवा के प्रयास से पुल का निर्माण कार्य चल रहा है. धीमी गति से कार्य होने के कारण दो वर्ष बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है. टोंटो व टोपाबेड़ा के बीच देवनदी पर पुल का निर्माण मेसर्स बेदी कंस्ट्रक्शन कर रही है. इस वर्ष भी टोपाबेड़ा के ग्रामीणों को बरसात में नारकीय जिंदगी गुजारनी पड़ेगी.

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लेखक के बारे में

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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