शीन अनवर
West Singhbhum (चक्रधरपुर): मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत स्थित चिरिया आयरन ओर माइंस में पिछले छह महीनों से कार्य बंद रहने और स्थानीय मजदूरों की समस्याओं का मामला गुरुवार को झारखंड विधानसभा में गूंज उठा. क्षेत्र के विधायक जगत माझी ने बजट सत्र के दूसरे दिन शून्यकाल के दौरान इस गंभीर मुद्दे को सदन में उठाते हुए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की. विधायक ने सदन को अवगत कराया कि चिरिया आयरन ओर माइंस में करीब छह महीने से उत्पादन कार्य ठप पड़ा है, जिसके कारण सैकड़ों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कार्यरत मजदूरों को काम से बैठा दिया गया है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई है.
300 मजदूर 2 महीने से धरने पर
उन्होंने बताया कि अपनी मांगों को लेकर लगभग 300 मजदूर पिछले दो महीनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं. मजदूरों की मुख्य मांगों में फिर से कार्य शुरू कर रोजगार उपलब्ध कराना, बकाया भुगतान का निपटारा और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था शामिल है. विधायक जगत माझी ने कहा कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था काफी हद तक माइंस पर निर्भर है. काम बंद होने से न केवल मजदूर बल्कि छोटे व्यवसायी, ट्रांसपोर्टर और आसपास के दुकानदार भी प्रभावित हुए हैं. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग और कंपनी प्रबंधन के साथ उच्चस्तरीय वार्ता कर जल्द समाधान निकाला जाए.
चिरिया माइंस राज्य की प्रमुख परियोजना
सदन में मुद्दा उठने के बाद सरकार की ओर से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया. अब क्षेत्र के मजदूरों और आम जनता की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं. चिरिया माइंस पश्चिमी सिंहभूम जिले की प्रमुख खनन परियोजनाओं में से एक है और यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हुए हैं. ऐसे में काम बंद रहने की स्थिति लंबे समय तक बनी रहने पर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
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