गुवा से संदीप गुप्ता की रिपोर्ट
West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम के गुवा क्षेत्र में ठेका मजदूरों की प्रस्तावित छंटनी को लेकर माहौल गरमा गया है. बुधवार देर शाम झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन ने ठेका मजदूरों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की. बैठक में बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए और अपने भविष्य को लेकर चिंता जताई. इस दौरान आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की गई.
रामा पांडेय ने जताया कड़ा विरोध
बैठक की अध्यक्षता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने की. उन्होंने कहा कि गुवा सेल में 40% ठेका मजदूरों की प्रस्तावित छंटनी से मजदूरों में भारी आक्रोश है. जानकारी के अनुसार स्टील सेक्रेटरी द्वारा इस संबंध में सेल प्रबंधन को पत्र भेजा गया है. इस फैसले के खिलाफ यूनियन ने जोरदार आंदोलन करने का ऐलान किया है.
छंटनी के खिलाफ एकजुट हुए मजदूर
बैठक में मजदूरों ने एक स्वर में कहा कि किसी भी कीमत पर छंटनी को स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने अपने रोजगार और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि प्रबंधन अपने निर्णय पर अड़ा रहता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
सेल अस्पताल की बदहाली पर भी उठे सवाल
छंटनी के मुद्दे के साथ-साथ यूनियन ने गुवा सेल अस्पताल की बदहाल स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई. रामा पांडे ने बताया कि अस्पताल में लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है. इसके अलावा नए एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं है और जरूरी दवाइयों का भी अभाव है.
मरीजों को हो रही भारी परेशानी
अस्पताल की स्थिति को लेकर मजदूरों ने बताया कि मरीज वार्ड में लगे एसी खराब पड़े हैं. वहीं शौचालयों की साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है. इन समस्याओं के कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यूनियन ने इसे प्रबंधन की लापरवाही बताया है.
समस्या समाधान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन
यूनियन ने सेल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द छंटनी का फैसला वापस नहीं लिया गया और अस्पताल की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो गुवा सेल अस्पताल का घेराव किया जाएगा. साथ ही उग्र आंदोलन की भी तैयारी की जाएगी.
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मजदूरों ने संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प
बैठक के अंत में सभी मजदूरों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया. यूनियन नेताओं ने कहा कि मजदूरों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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