मझगांव के मदरसा इस्लामिया कासमिया हुसैनिया में जलसा का हुआ आयोजन
मझगांव : तीन तलाक इसलाम में सबसे बड़ा गुनाह है. इस सामाजिक बुराई से परहेज करना जरूरी है. पति-पत्नी में अगर दूरी आ जाये, तो मुबाहिस से हल करने की कोशिश करनी चाहिए. उक्त बातें जमशेदपुर इमारत ए शरिया के मौलाना काजी सऊद आलम कासमी ने कहीं. वे गुरुवार रात मझंगाव के मदरसा इस्लामिया कासमिया हुसैनिया में आयोजित समाज सुधार अजीमुश्शान इसलामिक जलसा में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे.
उन्होंने कहा कि सभी मुसलमान एक शरीर के समान हैं. शरीर के एक भाग में तकलीफ होती है, तो असर पूरे शरीर पर होता है. कार्यक्रम को बड़बिल के हजरत मौलाना मुफ्ती जाहिद हुसैन साहब, जमशेदपुर के हजरत मौलाना मुफ्ती, अमीर उल हसन साहब, जमशेदपुर के हजरत मौलाना व कारी अतहर गजाली, इमाम जामा मसजिद जमशेदपुर ने भी संबोधित किया.
जलसा के पूर्व मदरसा के छात्रों की वार्षिक परीक्षा हुई. मौके पर मौलाना हबीबुर्रहमान साहब कासमी, मौलाना इकरामुल हक साहब कासमी, मौलबी मुक्तदीर साहब, हाजी तहरुल हक, हाजी जहांगीर साहब, हाजी सैफुल हक साहब, मौलाना इदरिश साहब आदि मौजूद थे.
