जैंतगढ़ : दो साल तक प्रतीक्षा करने के बाद जैंतगढ़ को प्रखंड का दर्जा नहीं दिये जाने से क्षेत्र के लोग काफी नाराज है. मनकी मुंडा संघ के पूर्व अंचल अध्यक्ष जमादार लागुरी ने कहा की जैंतगढ़ को प्रखंड बनाने की हमारी मांग काफी पुरानी है. इस संबंध मे रांची कार्मिक विभाग की ओर से स्वीकृति प्रदान करते हुए कुछ बिंदुओं पर जवाब मांगा गया था.
जवाब भी सौंपा जा चुका है. मगर अब तक फाइले सरक नहीं रही है. जैंतगढ़ को प्रखंड बनाने के संबंध मे आठ पंचायतों के लोगों ने सहमति पत्र भी समिति को सौंपा है. जिसे प्रखंड कार्यालय में जमा कर दिया गया है. उन्होंने कहा की शीघ्र ही आठों पंचायत के मनकी, मुंडा, मुखिया, डाकुवा व गणमान्य व्यक्तियों के साथ बैठक कर जोरदार तरीके से जैंतगढ़ को प्रखंड का दर्जा दिए जाने की मांग को उठाया जाएगा. तुरली के मनकी दीपक लागुरी ने कहा की जैंतगढ़ क्षेत्र की बढ़ती जनसंख्या व आवश्यकताओ को देखते हुए आठ पंचायतों को मिला कर जैंतगढ़ को प्रखंड बनाने की मांग काफी दिनो से क्षेत्र के लोग कर रहे हैं. इस क्षेत्र का वर्तमान प्रखंड जगन्नाथपुर है,
जो की कई पंचायतों के गांवो से 30 से 40 किमी की दूरी पर है. इससे जहां लोगों को प्रखंड स्तरीय कार्य करने मे परेशानी होती है. वहीं यह क्षेत्र मूल भूत सुविधाओं जैसे शिक्षा,स्वास्थ्य,पानी,बिजली आदि से बंचित होता जा रहा है. इस क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए पड़ोसी राज्य ओड़िशा के चंपुआ पर निर्भर रहना पड़ता है. उन्होंने कहा की अगर सरकार जैंतगढ़ को प्रखंड बनाने के प्रति उदासीनता बरतती रही तो जैंतगढ़ क्षेत्र को ओड़िशा में शामिल करने के लिये आंदोलन आरंभ किया जा सकता है. क्षेत्र के लोग राजस्व तो झारखंड सरकार को देते है,मगर मूल भूत सुविधाओ के लिये ओड़िशा पर निर्भर रहते है. इससे अच्छा है कि जैंतगढ़ को ओड़िशा में शामिल कर दिया जाये. जिससे यहां के लोगों को मूल भूत सुविधाओं के लिए तरसना न पड़े.
