जीपीएस सिस्टम से लैस गाड़ियों को एसपी ने किया रवाना
जिले के 16 गश्ती वाहनों को जीपीएस से लैस किया गया
चाईबासा : लगातार हाइटेक हो रही पश्चिम सिंहभूम पुलिस ने अपने 16 गश्ती वाहनों को ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से लैस कर दिया है. इनकी मॉनीटरिंग शुरू हो गयी है. रविवार को पुलिस लाइन में जीपीएस से लैस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर एसपी अनीश गुप्ता ने रवाना किया. उन्होंने बताया कि अब पुलिसकर्मी अपना गलत लोकेशन नहीं दे पायेंगे. वहीं घटनास्थल पर पहुंचने के लिए समय व दूरी का बहाना नहीं बना सकेंगे. अब एक क्लिक पर पता चल जायेगा कौन सी गाड़ी कहां हैं.
कौन गाड़ी रात्रि गश्त और हाइवे पेट्रोलिंग कर रही है और कौन एक स्थान पर खड़ी है, यह सरलता से मालूम पड़ जायेगा. रात्रि गश्त में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. जीपीएस लगने के बाद रिस्पांस टाइम में कमी आएगी. घटना के बाद पीड़ित की शीघ्र मदद मिलेगी. मौके पर डीएसपी हेडक्वार्टर प्रकाश सोय, सदर इंस्पेक्टर, सदर थाना प्रभारी आदि उपस्थित थे.
पुलिस कंट्रोल रूम व एसपी कार्यालय से रहेगी नजर : जीपीएस लगी गाड़ियों का पोजिशन अपग्रेड होता रहेगा. पुलिस कंट्रोल रूम व एसपी कार्यालय से गाड़ियों का पोजिशन देखा जा सकेगा. इसके साथ एसपी के मोबाइल और लैपटॉप में यह सुविधा रहेगी.
एक महीने का रिकॉर्ड होगा कंट्रोल रूम में : जीपीएस सिस्टम से लैस पीसीआर गाड़ियों के एक माह का रिकॉर्ड कंट्रोल रूम के कंप्यूटर में कैद होगा. इसमें पीसीआर कितने किमी चली, किस गति में चली, किस-किस रूट पर चली और किस-किस कट से गुजरी आदि शामिल होंगी. कैदियों को कोर्ट में पेशी के लिये ले जाने वाले वाहनों के मूवमेंट पर नजर रखा जा सकेगा.
