जापानी इंजीनियरों का सहयोग कर रहे सेल के अधिकार
किरीबुरू : सेल की मेघाहातुबुरु खदान के क्रॉसिंग प्लांट का खराब क्रशर बनाने में जापानी कंपनी अर्थ टेक्निका के दो इंजीनियर मिस्टर इनोय व मिस्टर विवेक (भारतीय मूल के) पांच दिनों से जुटे हैं. क्रशर खराब होने से खदान में लौह अयस्क का उत्पादन पूरी तरह ठप है. वहीं डिस्पैच का कार्य पुराने स्टॉक यार्ड से चल रहा है. इसके ठीक होने में दो-चार दिन का लग सकता है. जापानी इंजीनियरों का सहयोग सेल के अधिकारी व कर्मचारी कर रहे हैं. उक्त प्लांट जापान की कंपनी ने बनाया था.
वर्ष 2016 से क्रॉसिंग प्लांट के क्रशर में खराबी आयी. इसके बाद से खदान का उत्पादन काफी प्रभावित हुआ है. इस समस्या के अस्थायी समाधान के लिए बीते वर्ष एनएमडीसी से क्रशर का पुराना उपकरण मंगाकर जैसे-तैसे उत्पादन किया गया. अब यह पुनः खराब हो गया. इसका उपकरण मंगाने के लिए सितंबर में जापान की उक्त कंपनी को ऑर्डर दिया गया. 10 अप्रैल को उपकरण यहां पहुंच पाया. जिसे लगाकर जापानी इंजीनियर क्रशर चालू करने का प्रयास कर रहे हैं. इस दौरान प्रभारी महाप्रबंधक आरपी सेलबम, बीपी नायक, एनएस चौहान (दोनों सहायक महाप्रबंधक), डी साहू (उप प्रबंधक), इंद्रजीत पुरती, पवन मुंडारी आदि मौजूद थे.
