बंदगांव/पत्थलगड्डा. रिम्स प्रबंधन की लापरवाही के कारण बंदगांव की एक लड़की का शव बदलकर चतरा के पत्थलगड्डा चला गया. दोनों जगहों पर शवों के बदले जाने की जानकारी तब हुई जब उनके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई. आनन-फानन में दोनों पक्ष शव लेकर रिम्स पहुंचे और अदला-बदली हुई. इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया.
बंदगांव बाजार क्षेत्र निवासी मुन्नू बागती की 16 वर्षीया पुत्री मनीषा बागती चार दिन पूर्व अपने घर में आग से बुरी तरह जल गयी थी. उसका इलाज रांची स्थित रिम्स में चल रहा था. इलाज के दौरान 10 नवंबर की दोपहर उसकी मौत हो गयी. उसका पोस्टमार्टम देर शाम किया गया, लेकिन किसी दूसरी महिला का शव परिजनों को दे दिया गया. शव को लेकर परिजन बंदगांव पहुंचे, लेकिन रात होने के कारण उसे नहीं देखा. सुबह जब मनीषा के अंतिम संस्कार की बारी आयी, तब किसी दूसरी महिला का शव देख उनके होश उड़ गये. परिजन महिला का शव लेकर रिम्स पहुंचे. वहां मालूम चला कि मनीषा का शव चतरा के पत्थलगड्डा चला गया है.
उधर, पत्थलगड्डा थाना क्षेत्र के दुंबी गांव के भुनेश्वर प्रजापति की 22 वर्षीय पत्नी मधु देवी का इलाज रिम्स में चल रहा था. इस क्रम में गुरुवार को उसकी मौत हो गयी. शव का पोस्टमार्टम रिम्स में हुआ. इस बीच एक और शव का पोस्टमार्टम वहां हुआ. दोनों शव एक ही जगह रखे गये. मृतक मधु के पिता मयूरहंड निवासी जगदेव प्रजापति व उसके पति भुनेश्वर प्रजापति ने बताया कि रिम्स के कर्मचारियों ने उन्हें बुलाया और शव थमा दिया.
शव लेकर वे लोग गांव आ गये. घर पहुंच कर जब उन्होंने शव देखा तो मधु की जगह किसी दूसरी जली हुई लड़की का निकला. आनन-फानन में परजिन जली हुई लड़की का शव लेकर रिम्स पहुंचे. वहां पहले से ही बंदगांव के लोग मधु का शव लेकर पहुंच गये थे. इसके बाद शवों की अदला-बदली हुई.
नियमसंगत कार्रवाई होगी
मामले की जानकारी नहीं है. शनिवार को इस संबंध में फॉरेंसिक विभाग के विभागाध्यक्ष से जानकारी लूंगा. दोषी कर्मचारी पर नियम संगत कार्रवाई होगी.
डॉ बीएल शेरवाल, निदेशक रम्सि (रांची)
