विधायक शशिभूषण सामाड ने कहा
चक्रधरपुर : अगर मौका मिले, तो देश के लिए बॉर्डर पर लड़ूंगा और दुश्मनों को धूल चटा दूंगा. मैं सेना की 6 बिहार रेजीमेंट के जवान के तौर पर कश्मीर, सिक्किम व लद्दाख में भी तैनात रहा हूं और देशहित का कार्य कर चुका हूं. उक्त बातें पूर्व सैनिक सह चक्रधरपुर के विधायक शशिभूषण सामाड ने खास बातचीत में कहीं.
सैनिकों ने दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब दिया : उन्होंने कहा कि उड़ी के आतंकी हमले में मारे गये जवानों की शहादत बेकार नहीं जायेगी. देश के सैनिकों ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है. आतंकवादियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता. आज मैं 60 वर्ष का हूं, लेकिन सीमा पर दुश्मन की हरकतें देख खून खौलने लगता है. सैनिकों के समर्पण का कोई जवाब नहीं है. सैनिकों की वजह से ही देश सुरक्षित है.
मौका मिले तो, सीमा पर दुश्मन…
सरकार बनाये विशेष रणनीति, हिंदुस्तानी फौज आतंक को खत्म करने में सक्षम : सैनिकों पर हमले की वारदातों को रोकने के लिए सरकार को विशेष रणनीति बनाने की जरूरत है. आतंकवादियों पर पाकिस्तान लगाम नहीं लगाता है, तो हिंदुस्तान की फौज कार्रवाई कर आतंकवाद को खत्म करने में सक्षम है. हिंदुस्तान शांतिप्रिय देश है. लेकिन, कोई बेवजह परेशान करता है, तो ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाता है.
सीमा पर सैनिकों की स्थिति अच्छी नहीं होती, सुविधा बढ़े : देश के सैनिक सीमा पर डटे रहते हैं. सीमा पर उनकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं रहती है, पर देश की सुरक्षा की खातिर वे अपनी जान कुर्बान करने का जज्बा रखते हुए रात-दिन डटे रहते हैं. श्री सामड ने सरकार से सैनिकों की सुविधा को बढ़ाने की मांग की.
चक्रधरपुर के विधायक शशि भूषण सामाड सेना की 6 बिहार रेजमेंट में थे; कश्मीर, सिक्किम व लद्दाख में भी रही है तैनाती
स्कूल के समय से ही मिले युवाओं को सैन्य ट्रेनिंग : चीन जिस प्रकार देश के सभी युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देता है. उसी प्रकार देश के युवक-युवतियों को स्कूल के समय से ही सैनिक की ट्रेनिंग देनी चाहिये. सभी उच्च विद्यालयों में एनसीसी अनिवार्य हो.
