गांधीगिरी : खुले में शौचमुक्त के लिए डीसी की पहल
सुबह चार बजे से खुले में शौच करने वालों की होगी वीडियोग्राफी
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले को खुले में शौचमुक्त करने के लिए डीसी ने गांधीगिरी प्रक्रिया अपनाने की पहल की है. इसके तहत खुले में शौच करने वालों को स्थानीय बीडीओ समाज के बीच फूलों की माला पहनाकर स्वागत करेंगे. खुले में शौच करने वालों की पहचान करने के लिए बीडीओ अपने प्रखंडों में सुबह चार बजे से वीडियोग्राफी करेंगे. हालांकि उक्त वीडियो को सार्वजनिक नहीं किया जायेगा. मंगलवार को उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि ने उक्त पहल शुरू करने का आदेश दिया. डीसी समाहरणालय सभागार में स्वच्छ भारत अभियान की समीक्षा कर रहे थे.
डीसी ने सभी प्रखंडों में शौचालय बनाने के लिए समय सीमा का निर्धारण किया. मौके पर डीडीसी, डीआरडीए डायरेक्टर, पीएचइडी कार्यपालक अभियंता, विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ आदि उपस्थित थे.
सात प्रखंडों के बीडीओ को होगा शोकॉज: जिले के गुदड़ी, चक्रधरपुर, सोनुवा, आनंदपुर, बंदगांव, मनोहरपुर, गोइलकेरा को बीते वित्तीय वर्ष में एक-एक पंचायत को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य दिया गया था. लेकिन, इन सात प्रखंडों में लक्ष्य पूरा नहीं हो सका. इस कारण सात प्रखंडों के बीडीओ को स्वच्छता अभियान के मिशन डायरेक्टर की ओर से शोकॉज होगा. इसकी जानकारी डीसी ने सभी सात प्रखंड के बीडीओ को दी.
चक्रधरपुर ब्लॉक के को-ऑर्डिनेटर बरखास्त
उपायुक्त ने चक्रधरपुर के ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर को बरखास्त कर दिया है. बैठक से ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर को डीसी ने बाहर कर दिया. कार्य में लापारवाही करने व वरीय पदाधिकारी पर दोषारोपण करने के आरोप में कार्रवाई की गयी.
खुले में शौच मुक्त की घोषणा पर होगी चार स्तरीय जांच
डीसी ने कहा कि अगर कोई प्रखंड या पंचायत खुले में शौच मुक्त की घोषणा करता है, तो उसकी चार स्तरीय जांच होगी. गांव के लोग, पंचायत समिति, जिला स्तरीय कमेटी और अंत में एक स्वतंत्र एजेंसी जांच करेगी. इसके बाद उस इलाके को खुले में शौच मुक्त करने की आधिकारिक घोषणा होगी.
