चाईबासा : तुईवीर पंचायत भवन में रविवार को आइजीएसएसएस एवं संवाद की ओर से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को लेकर आशा, एएनएम, एडब्ल्यूडब्लयू एवं महिला समितियों के सदस्यों के बीच एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में तुईबीर, बादुड़ी एवं कुर्सी पंचायत के 15 गांवो के 40 महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया. जिनमें सहिया, जल सहिया, सेविका एवं सहायिका महिलाएं भी थी.
सर्व प्रथम कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए संवाद के कार्यकर्ता सुरेंद्र बुड़ीउली ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया . मौके पर पूर्वी सिंहभूम से आयी सामाजिक महिला कार्यकर्ता सालगे मार्डी ने महिलाओं से गांव की समस्याओं की जानकारी ली. गांव की आंगनबाड़ी, विद्यालय एवं स्वास्थ्य सेवाओं से मिलनेवाली लाभ की चर्चा की गयी. सालगे मार्डी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2011 को आया, लेकिन यह अधिनियम वर्ष 2009 में 15वीं लोकसभा चुनाव के बाद लोकसभा एवं राज्यसभा के संयुक्त बैठक के बाद आयी. काफी समय फेरबदल करते हुए
यह विधेयक 2011 में संसद में पास हुआ. इसके तहत 62.5 प्रतिशत जनता को फायदा होने की बात कही गयी. उन्होंने कहा कि मानव अधिकार घोषणा 1949 के अनुच्छेद 25 में है. खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय अन्न योजना, मातृत्व लाभ योजना, जननी सुरक्षा योजना, एमडीएम, खाद्य वितरण प्रणाली योजना को जोड़ा गया. कार्यशाला में
