चाईबासा : हजारों लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप नन बैंकिंग कंपनी चेतना मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी सरस्वती कच्छप उर्फ बरहा की जमानत याचिका प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव के अदालत ने खारिज कर दी है.
आरोपी के खिलाफ कंपनी के लिए एजेंट का काम करने वाली बड़ी बाजार निवासी बेबी कुमारी ने मामला दर्ज कराया गया है. इसमें बेबी ने बताया है कि कंपनी रुपया दोगुना करने का झांसे देकर बाजार से रुपये संग्रह कराती थी. तय समय के बाद जब लोगों ने जमा किये गये पैसे को उठाना चाहा तो कंपनी ने पैसा देने के बहाने पहले लोगों के जमा खाते ले लिये. जिसके बाद कार्यालय बंद कर सभी फरार हो गयी. बेबी के अनुसार कंपनी ने 100 से अधिक ग्राहकों का 25 से 30 लाख रुपया घपला किया है. वर्तमान में कंपनी के डायरेक्टर समेत कई लोग जेल में है.
रंगदारी मांगने के चार आरोपियों की जमानत याचिकाखारिज
चाईबासा. रंगदारी मांगने के चार आरोपियों की जमानत याचिका प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने खारिज कर दी. सुशील कुमार तामसोय, दशरथ नायक, मुकरू नायक व घनश्याम पिंगुवा के खिलाफ 11.3.2015 को कुमारडुंगी थाने में चाकडी निवासी ममता नायक ने दस हजार रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था. ममता की ग्रेनाइट स्टोन की माइंस है. आरोपी उनसे पहले भी रंगदारी के तौर पर 50 हजार रुपया ले चुके है. रंगदारी देने में असमर्थता जताने पर उन पर जानलेवा हमला किया गया व आरोपियों ने अर्धनग्न कर दिया था.
गांधी टोला में भूमि विवाद में मारपीट
चाईबासा : मारपीट के मामले में गांधी टोला में रहने वाले आठ लोगों के खिलाफ सीजेएम की अदालत में शिकायतवाद दर्ज कराया गया है. अजरुन यादव द्वारा दर्ज शिकायतवाद में नवीन गुप्ता तथा उसके पिता शंकर गुप्ता, रामजन्म साह, कासीनाथ साहु, भगवति गुप्ता, उसकी पत्नी मालती देवी, बेटी पूजा गुप्ता व कांक्षी गुप्ता पर मारपीट का आरोप लगाया गया है.
शिकायतकर्ता ने बताया है कि आरोपियों के साथ काफी दिनों से भूमि विवाद चल रहा था. इसे लेकर एसडीओ के न्यायालय में केस भी दर्ज हुआ था. 27 मई को वे अपने घर का छज्जा ठीक कर रहे थे. इस दौरान लाठी-डंडा से लैश होकर आये आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की व छज्जा तोड़ दिया.
