चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड के बाइपी व कुलीतोड़ांग पंचायत के 320 घरों में धुआं धुंआ रहित चूल्हा पर खाना पक रहा है. जबकि और पांच सौ घरों में धुआं रहित चूल्हा का निर्माण का कार्य चल रहा है. इस चूल्हे की विशेषता यह है कि इस पर जहां कम समय व इंधन में भोजन तैयार […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड के बाइपी व कुलीतोड़ांग पंचायत के 320 घरों में धुआं धुंआ रहित चूल्हा पर खाना पक रहा है. जबकि और पांच सौ घरों में धुआं रहित चूल्हा का निर्माण का कार्य चल रहा है. इस चूल्हे की विशेषता यह है कि इस पर जहां कम समय व इंधन में भोजन तैयार हो जा रहा है, वहीं खाना पकाने वाली महिलाओं को हानिकारक धुएं से राहत मिल रही है. समेकित जन विकास केंद्र जमशेदपुर द्वारा यूएनडीपी, जेइएफ, सीइइ के सहयोग से 10 गांवों में कृषि व पर्यावरण सुरक्षा पर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है.
वहीं महिलाओं की समस्या को देखते हुए धुएं रहित चूल्हे का निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. एक अोर जहां परंपरागत चूल्हा पर अधिक ईंधन व समय लगता है.
इसके अलावा चूल्हे से निकलने वाले धुएं से बीमारी का खतार व घर का रंग बदरंग होता है. वहीं इस चूल्हे से खाना पकाना में महिलाओं को काफी सहूलियत हो रही है. इस चूल्हे का निर्माण इस तरह से किया गया है कि छत के ऊपर पाइप के माध्यम से धुएं की निकासी होती है. संस्था के सदस्य उदाहरण प्रधान ने कहा कि धुआं रहित चूल्हा महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो रहा है.