नोवामुंडी : लड़का-लड़की की शादी कुंडली मिला कर नहीं, बल्कि ब्लड जांच की रिपोर्ट मिलाकर विवाह करनी चाहिए, तभी दांपत्य सफल हो सकेगा. जीवन में स्वास्थ्य सर्वोपरि है. उक्त बातें डॉ सुनील मुखर्जी ने कही. वे विश्व एड्स दिवस पर नोवामुंडी कॉलेज एनएसएस
ग्रुप की ओर से रक्तदान विषय पर आधारित जागरुकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने छात्र-छात्राओं को रक्तदान के महत्व पर बताया कि रक्तदान से शरीर में खून की कमी नहीं होती.
इसके लिए युवाओं को विभिन्न माध्यमों से जागरूक करने की जरूरत है. आपका एक मिली लीटर खून किसी की जिंदगी बचा सकता है. उन्होंने ब्लड जांच के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी.
जमशेदपुर में थैलेसीमिया के 600मरीज
थैलेसीमिया जैसी जानलेवा बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में 600 थैलेसीमिया के मरीज हैं. मौके पर वोलेंटियरी ब्लड डोनर्स सोसाईटी, टेल्को रिक्राएशन क्लब, जमशेदपुर के डॉ एसके सिंह, प्राचार्य डॉ मनोजीत विश्वास समेत अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
