आश्रित को 50 हजार की जगह 30 हजार ही मिला मुआवजा !

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर नगर पर्षद कार्यालय में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी टिकनु साहू की मौत 4 अप्रैल 2017 को लाइट मरम्मत करने के दौरान पोल से गिरकर हो गयी थी. इसके बाद नप के अध्यक्ष कृष्णा देव साह, अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष अशोक षाड़ंगी, वार्ड पार्षद दिनेश जेना, अरूण साहू, रेल कर्मचारी आदित्य साहू के […]

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर नगर पर्षद कार्यालय में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी टिकनु साहू की मौत 4 अप्रैल 2017 को लाइट मरम्मत करने के दौरान पोल से गिरकर हो गयी थी. इसके बाद नप के अध्यक्ष कृष्णा देव साह, अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष अशोक षाड़ंगी, वार्ड पार्षद दिनेश जेना, अरूण साहू, रेल कर्मचारी आदित्य साहू के समक्ष मृतक टिकनु साहू की बहन रीना साहू को 30 हजार रुपये अनुमंडल अस्पताल परिसर में दिये गये थे.

रीना साहू ने मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र रांची में आवेदन सौंप कर डेढ़ लाख रुपये देने की मांग की थी. घटना के सात माह बाद शुक्रवार दोपहर लगभग दो बजे मृतक की बहन रीना साहू को मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यालय रांची से फोन करके पूछा गया कि नप कार्यालय की ओर से आपको 50 हजार रुपये दिये गये हैं. इस संबंध में जवाब देते हुए रीना साहू ने कहा कि नगर पर्षद के कर्मी अशोक विश्वकर्मा ने मुझे मात्र तीस हजार नकद दिये.
दुर्घटना में मौत होने पर दिया जाता है दस हजार रुपये : अशोक
नप कार्यालय के कर्मचारी अशोक विश्वकर्मा ने कहा कि दुर्घटना में मौत होने पर मृतक के परिजनों को सरकार की ओर से 10 हजार रुपये देने का प्रावधान है. लेकिन मृतक के परिजनों की परेशानी को देखते हुए नप के पदाधिकारियों से कह कर तत्काल 30 हजार रुपये दिया गया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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