चक्रधरपुर : पश्चिम सिंहभूम जिले में उरांव समुदाय की 60 हजार की आबादी है और बोलचाल भाषा कुडूख है. ऐसे में जिले के महाविद्यालयों में कुडूख भाषा की पढ़ाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. उक्त बातें उरांव सरना समिति की अोर से राज्यपाल सह कुलाधिपति को भेजे गये पत्र में कही गयी है. पत्र में मुख्य रूप से राज्यपाल से कोल्हान विश्वविद्यालय अंतर्गत चक्रधरपुर, चाईबासा व मनोहरपुर के महाविद्यालयों में जनजाति कुडूख भाषा की पढ़ाई शुरू कराने की अपील की गयी है.
जिले के महाविद्यालयों में कुड़ुख की पढ़ाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण
चक्रधरपुर : पश्चिम सिंहभूम जिले में उरांव समुदाय की 60 हजार की आबादी है और बोलचाल भाषा कुडूख है. ऐसे में जिले के महाविद्यालयों में कुडूख भाषा की पढ़ाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. उक्त बातें उरांव सरना समिति की अोर से राज्यपाल सह कुलाधिपति को भेजे गये पत्र में कही गयी है. पत्र में मुख्य […]

समिति का कहना है कि कोल्हान विवि के महाविद्यालयों में जनजाति कुडूख भाषा की पढ़ाई वर्षों से बंद है. इसका खामियाजा कुडूख भाषी छात्रों को उठाना पड़ रहा है. लेकिन इस दिशा में विवि द्वारा कुछ नहीं किया जा रहा है. पत्र में समिति अध्यक्ष अजय लकड़ा, सचिव बुधराम लकड़ा, उपाध्यक्ष जीतू कच्छप, पहन मंगरा कोया, गणेश मिंज, कृष्णा कच्छप, विनय उरांव, राकेश लकड़ा, विनोद कुजूर, राजेश मिंज, रीता उरांव, राहुल हेंब्रम, विनय कच्छप, विचित्र टोप्पो, मुकेश टोपोप, विकास टोप्पो, विनय कुजूर, पूजा लकड़ा, रश्मि कच्छप, गोल्डन लकड़ा,
दशरथ कच्छप, पूजा उरांव, ममता कुजूर, मनीषा खलखो, आशीष उरांव, लक्ष्मी खलखो, दिया कुजूर, प्रीति कच्छप, इंदु तिर्की, सुनीता तिर्की, दिव्या कुजूर आदि का हस्ताक्षर शामिल है.