चार वर्षीया लवली की आखें खोज रही है ‘रौशनी’

मनोहरपुर : मामला सारंडा के सोदा गांव का चार वर्ष की होते-होते लवली की दोनों आंखों से चली गयी रोशनी गरीबी के कारण पिता नहीं करा पा रहे इजाज मनोहरपुर/चिरिया : सारंडा अंतर्गत गागंदा पंचायत की सोदा गांव की चार वर्षीय लवली चेरवा की दोनों आंखें खराब हो गयी हैं. वह पूर्ण रूप से अंधी […]

मनोहरपुर : मामला सारंडा के सोदा गांव का

चार वर्ष की होते-होते लवली की दोनों आंखों से चली गयी रोशनी
गरीबी के कारण पिता नहीं करा पा रहे इजाज
मनोहरपुर/चिरिया : सारंडा अंतर्गत गागंदा पंचायत की सोदा गांव की चार वर्षीय लवली चेरवा की दोनों आंखें खराब हो गयी हैं. वह पूर्ण रूप से अंधी हो गयी है. खेलने कूदने की उम्र में वह दूसरों के ऊपर निर्भर है.
दूसरे का हाथ पकड़ कर चलती है और टटोलकर, एहसास कर घर से अंदर बाहर होती है. इस संबंध में लवली की मां नंदी चेरवा और पिता माटा चेरवा ने बताया कि बेटी तीन साल तक पूरी तरह से स्वस्थ थी. इसके बाद एक आंख से दिखना बंद हुआ. फिर चार साल होते-होते दोनों आंखों से दिखाना बंद हो गया. इसके बाद परिवार वालों ने उसे इलाज के लिए मनोहरपुर सीएचसी लेकर गये, यहां से मलहम व दवा लेकर चले गये. इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ. पैसों की कमी के कारण जगह-जगह पर लगने वाले शिविर आदि में भी इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. अब परिवार वाले इसे ईश्वर की नियति मानकर किसी तरह लवली समेत परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. मालूम हो कि जंगल की लकड़ी बेचकर पिता माटा चेरवा किसी तरह परिवार चला रहे हैं.
अत्यंत दुर्गम गांव है सोदा : सारंडा का सुदूर सोदा गांव अत्यंत पिछड़ा व आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण बहुत ही कम लोगों का गांव में आना-जाना है. ऐसे स्वास्थ्य सेवा की बात कौन करे. भौगोलिक स्थिति के कारण आज भी सारंडा कई क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाएं नहीं पहुंच पा रही हैं. जिसका खमियाजा लवली जैसे कई बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. सारंडा के गागंदा पंचायत के सोदा गांव के निवासियों को कोयना नदी पार कर प्रखंड मुख्यालय आना पड़ता है, जिस
कारण काफी जरूरत पड़ने पर ही गांव के लोग गांव से बाहर आते हैं.
टीम गांव जा करेगी बच्ची की जांच : डॉ राजकुमार
चिरिया एमटीसी सीएसआर के सदस्य सह सेल अस्पताल के चिकित्सक डाॅ राजकुमार को लवली के बारे में बताने पर उन्होंने कहा कि संभवत: बच्ची में विटामिन ‘ए’ की कमी हो सकती है, जिसका सीधा प्रभाव आंखों पर पड़ा. उन्होंने बच्ची के कुपोषित होने की संभावना से इनकार नहीं किया. उन्होंने बताया कि शीघ्र ही एक मेडिकल टीम गांव जाकर बच्ची की जांच करेगी. बच्ची के इलाज में हर संभव सहयोग किया जायेगा. जरूरत पड़ने पर एमटीसी चाईबासा भेजा जायेगा.

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