मोतियाबिंद-पीड़ित हुई, तो ऑपरेशन से आ सकती है रौशनी : सहायक नेत्र चिकित्सा पदाधिकारी

मनोहरपुर सीएचसी के सहायक नेत्र चिकित्सा पदाधिकारी तूफान कुमार ने बताया लवली को अब तक सीएचसी के नेत्र चिकित्सा विभाग में इलाज के लिए नहीं लाया गया है. सिस्टम के मुताबिक उसे जन्मजात मोतियाबिंद की शिकायत हो सकती है. जो धीरे-धीरे मरीज को प्रभावित करता है. इस केस में भी एक साथ रोशनी नहीं गयी […]

मनोहरपुर सीएचसी के सहायक नेत्र चिकित्सा पदाधिकारी तूफान कुमार ने बताया लवली को अब तक सीएचसी के नेत्र चिकित्सा विभाग में इलाज के लिए नहीं लाया गया है. सिस्टम के मुताबिक उसे जन्मजात मोतियाबिंद की शिकायत हो सकती है. जो धीरे-धीरे मरीज को प्रभावित करता है. इस केस में भी एक साथ रोशनी नहीं गयी है. जांच के बाद मरीज मोतियाबिंद से पीड़ित हुई, तो उसकी उम्र पांच साल के बाद ऑपरेशन से ठीक किया जा सकता है.

विटामिन ‘ए’ व ‘सी’ की कमी से कुपोषण के लक्षण भी हो सकते हैं, जिसे ठीक किया जा सकता है.

चाईबासा : चाईबासा के टेकेसाई निवासी बहादुर पुरती की चार वर्षीय बेटी प्रतिमा का इलाज रिम्स में किया जायेगा. उक्त व्यवस्था भाजपा प्रवक्ता सह टीएसी सदस्य जेबी तुबीद की ओर से की गयी है. विगत एक वर्ष से प्रतिमा की बायीं आंख बाहर की अोर निकल आयी है व हमेशा उसमें से पस निकलता रहता है.
साथ ही बच्ची को असहनीय दर्द भी सहना पड़ता है. बहादुर पुरती मजदूरी का काम करता है. श्री पुरती बुधवार को अपनी बेटी के साथ श्री तुबिद के आवासीय कार्यालय पर पहुंचा और उनसे बेटी का इलाज कराने की अपील की. इसके बाद श्री तुबिद ने तत्काल रिम्स रांची के बड़े डाक्टरों से इस संबंध में वार्ता की एवं प्रतिमा की इलाज की समुचित
व्यवस्था करायी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >