रामचंद्रपुर : रैयतों ने किया मुआवजा लेने से इनकार, बैरंग लौटे भू-अर्जन पदाधिकारी
मामला सड़क चौड़ीकरण का
तीन वर्ष पूर्व किया गया था रैयती भूमि का अधिग्रहण
चक्रधरपुर : भू-अर्जन विभाग रैयतों को वर्तमान मूल्य के आधार पर मुआवजा दे, नहीं तो 29 रैयत कोर्ट की शरण में जायेंगे. उक्त बातें रामचंद्रपुर के रैयतों ने कही. मालूम हो कि पथ चौड़ीकरण के लिए भू-अर्जन विभाग द्वारा रामचंद्रपुर में रैयती जमीन का अधिग्रहण किया गया है. इन जमीन मालिकों ने विभाग पर वाजिब मुआवजा नहीं देने का आरोप लगाया है. इसे लेकर रामचंद्रपुर गांव में भू-अर्जन विभाग के पदाधिकारी दिलीप कुमार गुप्ता ने मंगलवार को रैयतों के साथ बैठक कर मुआवजा की राशि लेने की बात कही. इस पर रैयतों ने कहा कि तीन साल पूर्व की जमीन मूल्य के आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है,
जो रैयतों को साथ न्यायसंगत नहीं है. विभाग वर्तमान मूल्य के आधार पर रैयतों को मुआवजा दे. नहीं तो मुआवजा का विरोध कर कोर्ट का शरण में जाने की बात कही. घंटों रैयतों के साथ बैठक कर भू-अर्जन पदाधिकारी श्री गुप्ता ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिनरैयतों ने मानने से इनकार कर दिया. रैयतों ने कहा कि सड़क निर्माण में ग्रामीण कभी बाधा उत्पन्न नहीं की, लेकिन विभाग रैयतों को ठगने का काम कर रहा है. उचित मुआवजा नहीं मिलने पर रैयतधारी जन आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
इन रैयतों ने मुआवजा लेने से किया इनकार
रैयत नंदीय हो, प्रधान हो, श्रीमती सरला देवी, भारती महतो, प्रमेश्वर महतो, लखन घासी, हरिशंकर महतो, हेमंत कुमार महतो, राजकिशोर महतो, सुरेंद्र महतो, रायमनी महतो, राजकिशोर महतो, हेमंत कुमार महतो, बुधनी हेंब्रम, गोवर्धन महतो, जीतमनी महताइन, डॉ प्रशांत किशोर त्रिपाठी, विनय कुमार मंडल आदि रैयतों ने मुआवजा लेने से इनकार किया.
