सिमडेगा. सदर प्रखंड के मांझीटोली गांव में झारखंड प्रदेश गोंड़ आदिवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री विमला प्रधान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गांव का दौरा किया. इस दौरान ठंड से बचाव के लिए 37 जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया. कार्यक्रम में महासभा के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही. गांव में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विमला प्रधान ने कहा कि मांझीटोली जैसे आदिवासी बहुल गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने बताया कि गांव में गंभीर जल संकट है. जिससे गर्मी के दिनों में खेती पूरी तरह ठप हो जाती है. सिंचाई की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को खेती से आय नहीं मिल पाती. परिणामस्वरूप रोज़गार की तलाश में बड़ी संख्या में लोग पलायन करने को मजबूर हैं. गांव में वर्तमान में अधिकांश बुजुर्ग ही रह गये हैं. गांव में कुल 35 घर हैं. लेकिन अबुआ आवास योजना के तहत मात्र दो परिवारों को और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सिर्फ पांच परिवारों को ही आवास मिल पाया है. जबकि शेष परिवार आज भी कच्चे या जर्जर घरों में रहने को मजबूर हैं. विमला प्रधान ने कहा कि महुंआटोली से मांझीटोली को जोड़ने वाली सड़क अत्यंत जर्जर स्थिति में है. जिससे आवागमन में भारी कठिनाई होती है. प्रशासन सड़क, पानी और आवास की समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई करे. दौरा में महासभा के संरक्षक बालमुकुंद नागेश्वर, महासचिव जगमोहन भोय, कोषाध्यक्ष रुक्मिणी देवी, समीर चंद्र, रामदेव मांझी और सोहन मांझी उपस्थित रहे.
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