सीएसआर फंड से आदिवासी क्षेत्रों का हो विकास : विमला
सीएसआर फंड से आदिवासी क्षेत्रों का हो विकास : विमला
सिमडेगा. रांची के रेडिएशन ब्लू होटल में सीएसआर झारखंड का दो दिवसीय सेमिनार संपन्न हुआ. इसमें झारखंड में किस तरह से आदिवासी क्षेत्रों व आदिवासियों का विकास हो, इस पर मंथन हुआ. सेमिनार में जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री जुबेल उरांव, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद फगन सिंह कुलस्ते, भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर उरांव, वीसी डीके सिंह, पूर्व मंत्री विमला प्रधान समेत झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में कार्य कर रहे अनेक एनजीओ के संस्थापक व डायरेक्टर ने भाग लिया. मौके पर पूर्व मंत्री विमला प्रधान ने सेमिनार में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएसआर फंड का बेहतर प्रबंधन हो. इससे आदिवासी क्षेत्र में एनजीओ और उस क्षेत्र में कार्य कर रही एजेंसियों द्वारा सहज ढंग से क्षेत्र में राशि वितरण कर आदिवासियों के विकास के लिए कार्य होना चाहिए. एनजीओ ने आदिवासी क्षेत्र के बुद्धिजीवी एवं जनप्रतिनिधियों से मिल कर आकांक्षी जिला में स्किल डेवलपमेंट को लेकर कार्य योजना चलायें. इससे आदिवासियों को लाभ होगा. इसके अलावा सेमिनार में झारखंड प्रदेश के 32 जनजातियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे. उन्होंने बताया कि उनके समाज में क्या समस्या है. सीएसआर फंड का उपयोग कर किस तरह से उन समस्याओं को दूर किया जा सकता है. सेमिनार में आदिवासियों के लिए और आदिवासी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कई लोगों को सम्मानित किया गया.
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