अभियान का उद्देश्य जिले में वास्तविक व स्थायी परिवर्तन लाना : डीसी

सिमडेगा में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ, 14 अप्रैल 2026 तक होंगे विकास कार्य

सिमडेगा. जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दनगद्दी से आकांक्षी जिला कार्यक्रम व आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 की शुरुआत की गयी. कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे, उपविकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह, अपर समाहर्ता ज्ञानेंद्र कुमार, परियोजना निदेशक आइटीडीए सरोज तिर्की, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता अरुणा कुमारी, जिप अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, जिप उपाध्यक्ष सोनी पाइकरा व डीएसपी रणवीर सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर व पौधे भेंट कर स्वागत किया गया. बोलबा विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया. बाल विवाह मुक्त झारखंड विषय पर नुक्कड़ नाटक ने लोगों को जागरूक किया, जबकि झूमर नृत्य ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की. नीति आयोग द्वारा निर्धारित संपूर्णता अभियान 2.0 14 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा. इस अवधि में सिमडेगा जिला व आकांक्षी प्रखंड बांसजोर में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभिन्न सूचकांकों पर मिशन मोड में कार्य किया जायेगा. उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल सूचकांकों में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जिले में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन लाना है. उन्होंने कहा कि पूर्व चरण में जिले का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है और आगामी दो से ढाई महीनों में पूरी ऊर्जा और टीम भावना के साथ निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त किया जायेगा. उन्होंने शिक्षा को समाज की दिशा निर्धारित करने वाला सशक्त माध्यम बताते हुए सभी विभागों को नीति आयोग के संकेतकों के अनुरूप सुधारात्मक कार्य करने के निर्देश दिये. पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की शपथ दिलाते हुए समाज से सक्रिय सहयोग की अपील की. उपविकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने बताया कि वर्ष 2018 में भारत सरकार ने देश के 112 अति-पिछड़े जिलों को आकांक्षी जिला के रूप में चयनित किया था. सकारात्मक सोच के तहत उन्हें आकांक्षी कहा गया, अर्थात ऐसे जिले जो आगे बढ़ने की क्षमता और संकल्प रखते हैं. देशभर में 513 आकांक्षी प्रखंड भी चयनित किये गये हैं, जिनमें सिमडेगा पूर्णतः आकांक्षी जिला तथा बांसजोर आकांक्षी प्रखंड के रूप में शामिल है. कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाये गये, जिनमें समाज कल्याण, जेएसएलपीएस, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग प्रमुख रहे. लाभुकों के बीच प्रमाण पत्र व परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. कृषि विभाग ने किसानों को पंपसेट प्रदान किये, कल्याण विभाग ने बच्चों को साइकिल वितरित की, जबकि समाज कल्याण विभाग ने एक दिव्यांग लाभुक को ट्राइसाइकिल उपलब्ध करायी. इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ सुंदर मोहन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सूरज मुन्नी कुमारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी दयानंद कार्जी, जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रवि किशोर राम, जिला नियोजन पदाधिकारी आशा मक्सिमा लकड़ा, मत्स्य पदाधिकारी सीमा टोप्पो, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला खेल पदाधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी व अंचलाधिकारी उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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